राजस्थान पंचायत चुनाव में अनोखा वादा: कुंवारों की शादी कराएंगी सरपंच उम्मीदवार
झुंझुनूं में चुनावी वादे ने खींचा ध्यान
झुंझुनूं: राजस्थान में पंचायत चुनावों के दौरान एक अनोखा चुनावी वादा सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। आमतौर पर सरपंच पद के उम्मीदवार विकास के मुद्दों जैसे सड़कें, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन नवलगढ़ तहसील के झाझड़ गांव की सरपंच पद की उम्मीदवार अनीता सैनी ने एक अलग मुद्दा उठाया है। उन्होंने वादा किया है कि यदि वे सरपंच बनती हैं, तो गांव के कुंवारे युवकों की शादी कराएंगी। उनका यह प्रचार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
‘दूसरे गांव से लाऊंगी दुल्हन’
चुनावी सभा में अनीता ने कहा कि गांव में कई योग्य युवक हैं जिन्हें शादी के लिए रिश्ते नहीं मिल रहे हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। उन्होंने मतदाताओं से वादा किया कि यदि वे जीतती हैं और किसी युवक को दुल्हन नहीं मिलती, तो वे खुद इस जिम्मेदारी को उठाएंगी। जरूरत पड़ने पर वे दूसरे गांवों में जाकर लड़कियों की तलाश करेंगी। उन्होंने यहां तक कहा कि बारात ले जाने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था भी करेंगी।
“सरपंच बनीं तो गांव के कुंवारों की शादी करवाऊंगी!”
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के एक गांव की रहने वाली अनीता सैनी का यह बयान चर्चा में है।
— Priya singh (@priyarajputlive) October 9, 2026
पंचायत चुनाव में गंभीर सामाजिक मुद्दा
जहां अन्य उम्मीदवार पारंपरिक घोषणाओं के साथ वोट मांग रहे हैं, वहीं अनीता ने युवाओं की इस समस्या को अपने चुनावी एजेंडे में शामिल किया है। राजस्थान और हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में लिंगानुपात की असंतुलित स्थिति के कारण पिछले कई वर्षों से युवाओं की शादी एक चुनौती बन गई है। कई क्षेत्रों में तो दूसरे राज्यों से बहुएं लाने की आवश्यकता पड़ती है, जिससे शोषण और धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। इस संवेदनशील मुद्दे को चुनावी वादे के रूप में पेश करने से यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
अनीता का यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई यूजर्स इसे चुनावी राजनीति का दिलचस्प और जमीनी अंदाज बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे वोट बटोरने का अव्यावहारिक तरीका मान रहे हैं। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव जीतने के बाद वे इस वादे को कैसे पूरा करेंगी, लेकिन उनके इस कदम ने झाझड़ गांव के पंचायत चुनाव को प्रदेश भर में सुर्खियों में ला दिया है।