राजस्थान में समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव, मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री की घोषणा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को बताया कि राज्य सरकार संविधान के अनुच्छेद-44 के अनुरूप 'राजस्थान नागरिक संहिता, 2026' विधेयक लाने की योजना बना रही है, जिसमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रावधान होगा।
डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान शर्मा ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे राजस्थान में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
उन्होंने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए नए कानून बनाने की बात भी की।
शर्मा ने कहा कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति अपनाए हुए है, जिससे अपराधों में कमी आई है और राज्य में शांति बनी हुई है।
राज्य के विकास के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 2047 तक 'विकसित भारत-विकसित राजस्थान' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का भी उल्लेख किया और कहा कि राजस्थान सरकार इसी दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सड़क नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है और सरकार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल मॉडल आज वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय है और देश तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
शर्मा ने कहा कि आज दुनिया भारत की बातों को गंभीरता से सुनती है और राजस्थान भी 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने के लिए आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने बाड़मेर जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की रिफाइनरी परियोजना और माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि राजस्थान ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सौर ऊर्जा में देश में पहले स्थान पर है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली।
उन्होंने सरकारी सेवाओं में उत्कृष्टता के लिए अधिकारियों को पदक और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।
समारोह में विभिन्न लोक कलाकारों और स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने राजभवन में तिरंगा फहराया, जबकि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा भवन में ध्वजारोहण किया।
राज्यभर में स्वतंत्रता दिवस समारोह विभिन्न संस्थानों में आयोजित किए गए।
समारोह का समापन राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान के साथ हुआ, जिसमें पहली बार सामूहिक गायन किया गया।