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राज्य सभा चुनाव: दिग्गज नेताओं के रिटायरमेंट और कांग्रेस की चुनौती

राज्य सभा चुनाव 2023 में कई दिग्गज नेताओं का रिटायरमेंट हो रहा है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और दिग्विजय सिंह शामिल हैं। बीजेपी और कांग्रेस के सांसदों की संख्या में बदलाव के साथ, चुनाव की प्रक्रिया 8 जून से शुरू होगी। जानें किस नेता का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और कांग्रेस की गुजरात में स्थिति क्या है। क्या पार्टी अपने दिग्गज नेताओं को फिर से राज्य सभा में भेज पाएगी? इस चुनाव के परिणामों पर सभी की नजरें टिकी हैं।
 

राज्य सभा में चुनाव की तैयारी


राज्य सभा में दस राज्यों की 24 सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। इस बार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने कार्यकाल को समाप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन भी रिटायर हो रहे हैं। चुनाव आयोग ने इस संबंध में एक जून को नोटिफिकेशन जारी करने की योजना बनाई है। द्विवार्षिक चुनाव के लिए पहले ही नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। नामांकन की प्रक्रिया 8 जून तक चलेगी, जबकि नामांकन की जांच 9 जून को होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून है। यदि आवश्यक हुआ, तो मतदान 18 जून को होगा, जो सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। राज्य सभा का चुनाव 20 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।


बीजेपी और कांग्रेस के रिटायर सांसद

इस बार 22 सांसद रिटायर हो रहे हैं, जिनमें से 11 बीजेपी और 4 कांग्रेस के हैं। रिटायर होने वाले नेताओं में मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, दिग्विजय सिंह, जॉर्ज कूरियन और रवनीत सिंह बिट्टू शामिल हैं। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात से चार-चार सीटें खाली होंगी, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश से तीन-तीन सीटें खाली होंगी। मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और झारखंड से एक-एक सीट खाली होगी। इसके अतिरिक्त, झारखंड, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से भी उपचुनाव की संभावना है।


राज्य सभा चुनाव पर नजरें

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण और रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। वहीं, अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कूरियन का कार्यकाल भी इसी दिन खत्म हो रहा है। पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए, पार्टी रवनीत सिंह को फिर से राज्य सभा भेजने पर विचार कर सकती है। जॉर्ज कूरियन को भी केरल चुनाव के संदर्भ में लाया गया था। अब यह देखना होगा कि बीजेपी उन्हें फिर से राज्य सभा में भेजती है या नहीं।


मल्लिकार्जुन खरगे का भविष्य

कर्नाटक में कांग्रेस को तीन सीटें मिलने की संभावना है, जिसमें से एक पर मल्लिकार्जुन खरगे का चुना जाना लगभग तय है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक सीट जीतने के लिए संघर्ष करना होगा, जबकि उसके पास केवल छह सरप्लस वोट हैं। दिग्विजय सिंह ने फिर से राज्य सभा जाने से इनकार कर दिया है। राज्य में दो सीटें बीजेपी और एक कांग्रेस को मिल सकती हैं। बीजेपी की ओर से जॉर्ज कूरियन भी दौड़ में हैं। राजस्थान में बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना है।


गुजरात में कांग्रेस की स्थिति

कांग्रेस को गुजरात में एक बड़ा झटका लग सकता है। वर्तमान में राज्य सभा की 11 सीटों में से केवल एक पर कांग्रेस का सदस्य है। शक्ति सिंह गोहिल, जो विधान सभा में विपक्ष के नेता रहे हैं, 21 जून को रिटायर हो रहे हैं। एक सीट जीतने के लिए 46 वोटों की आवश्यकता है, जबकि कांग्रेस के पास केवल 12 विधायक हैं, जिससे उनका कोई उम्मीदवार जीत नहीं पाएगा। यह पहली बार होगा जब गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य से कांग्रेस का कोई सदस्य राज्य सभा में नहीं होगा। हालांकि, झारखंड में कांग्रेस की उम्मीदें सत्तारूढ़ जेएमएम पर टिकी हैं।