राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का बयान: यूपी चुनाव में विपक्ष को मिला नया मुद्दा
राज्यपाल का विवादास्पद बयान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नजदीक, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। यदि विपक्षी दल राम मंदिर चढ़ावे की चोरी और दिल्ली की संसद की राजनीति में व्यस्त नहीं होते, तो राज्यपाल का यह बयान उत्तर प्रदेश में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता था। हाल ही में, राज्यपाल ने गोरखपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक भाषण दिया। इस भाषण में, उन्होंने विश्वविद्यालय की सुविधाओं पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी कठघरे में खड़ा किया।
राज्यपाल ने अपने बयान की शुरुआत में यह भी कहा कि उनकी बात कुछ लोगों को बुरी लग सकती है। यह स्पष्ट है कि उनका इशारा मुख्यमंत्री की ओर था। उन्होंने कहा कि गोरखपुर वह स्थान है, जहां स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद हैं, फिर भी विश्वविद्यालय और हॉस्टल की स्थिति इतनी खराब है। उन्होंने कई कमियों का उल्लेख किया और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। यह ध्यान देने योग्य है कि योगी आदित्यनाथ की सरकार लगभग साढ़े नौ साल से सत्ता में है और आनंदी बेन पटेल पिछले पांच साल से राज्यपाल हैं। विधानसभा चुनाव से छह महीने पहले गोरखपुर जाकर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह बात वे मुख्यमंत्री को सीधे भी कह सकती थीं, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री को कठघरे में खड़ा किया। इससे चुनाव प्रचार में सरकार के कामकाज की आलोचना होगी।