राज्यसभा के सांसदों पर आपराधिक मामले: एडीआर की नई रिपोर्ट
राज्यसभा के 73 सांसदों पर चल रहे हैं आपराधिक मामले
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने हाल ही में राज्यसभा के 229 सांसदों पर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा के 73 सांसदों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें से 37 सांसद हाल ही में चुने गए हैं। इनमें से 36 सांसदों पर गंभीर आरोप हैं।
एक सांसद पर हत्या का आरोप है, जबकि चार सांसदों पर हत्या की कोशिश और तीन पर महिलाओं से संबंधित अपराध के मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लगभग 31 सांसद (14%) ने खुद को अरबपति घोषित किया है। कई बड़े दलों के सांसदों ने अपनी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई है।
आप के सांसदों की संपत्ति का विवरण
बीजेपी के 6, कांग्रेस के 5, YSRCP के 4, आप के 2, बीआरएस के 2, एनसीपी के 3 और अन्य दलों के 9 सांसद इस सूची में शामिल हैं। एक राज्यसभा सांसद की औसत संपत्ति लगभग 120.69 करोड़ रुपये है। विभिन्न पार्टियों के सांसदों की औसत संपत्ति में भिन्नता है। बीजेपी के 99 सांसदों के पास औसतन 28.29 करोड़, कांग्रेस के 28 सांसदों के पास 128.61 करोड़, टीएमसी के 13 सांसदों के पास 17.70 करोड़ और आप के 10 सांसदों के पास 574.09 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
डीएमके के 8 सांसदों के पास औसतन 11.90 करोड़, YSRCP के 7 सांसदों के पास 522.63 करोड़, समाजवादी पार्टी के 4 सांसदों के पास 399.71 करोड़ और बीजेडी के 6 सांसदों के पास 105.63 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
सर्वाधिक संपत्ति वाले सांसद
तेलंगाना से भारत राष्ट्र समिति के सांसद बंदी पार्थ सराधी के पास सबसे अधिक 5300 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसके बाद AAP के राजिंदर गुप्ता के पास 5053 करोड़ और YSRCP के अयोध्या रामी रेड्डी के पास 2577 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।
सबसे कम संपत्ति आप के संत बलबीर सिंह के पास है, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 3 लाख रुपये है। मणिपुर के महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा के पास करीब 5 लाख और टीएमसी के प्रकाश चिक बराइक के पास लगभग 9 लाख रुपये हैं।
मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले
देश के 30 मुख्यमंत्रियों में से 12 यानी 40% मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 10 मुख्यमंत्रियों पर हत्या की कोशिश, किडनैपिंग और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप हैं। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी पर सबसे अधिक 89 मामले दर्ज हैं।
सांसदों और विधायकों पर आपराधिक मामले
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में 45% विधायकों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 29% गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं। वहीं, 46% सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। महिलाओं से संबंधित अपराधों में पश्चिम बंगाल सबसे आगे है, जबकि आंध्र प्रदेश दूसरे स्थान पर है।
केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था, जिसमें प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटा दिया जा सकेगा।