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राज्यसभा चुनाव 2026: नीतीश कुमार और शरद पवार की निर्विरोध जीत की संभावना

राज्यसभा चुनाव 2026 की तैयारी में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार, नितिन नवीन और शरद पवार का निर्विरोध चुना जाना लगभग निश्चित है। इस चुनाव में 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हरियाणा, ओडिशा और महाराष्ट्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा की संभावना है। जानें और कौन से नेता इस बार राज्यसभा में वापसी कर सकते हैं और किस राज्य में चुनावी प्रक्रिया चल रही है।
 

राज्यसभा चुनाव की तैयारी में राजनीतिक हलचल


नई दिल्ली: राज्यसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार का निर्विरोध चुना जाना लगभग निश्चित माना जा रहा है। नीतीश और नितिन पहली बार संसद के ऊपरी सदन में प्रवेश करेंगे, जबकि अनुभवी नेता शरद पवार एक बार फिर राज्यसभा में लौटेंगे।


इन नेताओं ने गुरुवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। वे उन 40 उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन्होंने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन के अंतिम दिन अपने पर्चे जमा किए।


नामांकन प्रक्रिया का समापन

10 राज्यों की 37 सीटों के लिए नामांकन


राज्यसभा की इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। नामांकन पत्रों की जांच शुक्रवार को की जाएगी, और उम्मीदवार 9 मार्च तक अपने नाम वापस ले सकते हैं। यदि किसी सीट पर प्रतिस्पर्धा होती है, तो मतदान 16 मार्च को होगा।


इस बीच, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। भाजपा इन चुनावों के बाद राज्यसभा में अपनी संख्या बढ़ाने की स्थिति में दिखाई दे रही है, जिससे ऊपरी सदन में उसका आंकड़ा और मजबूत हो सकता है।


हरियाणा में मुकाबले की संभावना

हरियाणा में एक सीट पर मुकाबले के आसार


हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों में से एक पर कड़ी टक्कर होने की संभावना है। राज्य की राजनीति में पहले भी क्रॉस-वोटिंग की घटनाएं सामने आती रही हैं।


90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और एक सीट जीतने के लिए विपक्षी दल को केवल 31 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होगी।


इस बीच, हरियाणा भाजपा के उपाध्यक्ष सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है। इस तरह भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध के बाद वह तीसरे उम्मीदवार बन गए हैं।


ओडिशा में सियासी टक्कर

ओडिशा में भी बढ़ेगी सियासी टक्कर


ओडिशा में एक राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। यहां सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा सांसद सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है।


वहीं विपक्षी बीजद की ओर से संत्रुप्त मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता ने नामांकन दाखिल किया है। इसके अलावा दिलीप राय ने भाजपा के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है, जिससे क्रॉस-वोटिंग की संभावना और बढ़ गई है।


महाराष्ट्र में निर्विरोध चुनाव की संभावना

महाराष्ट्र में कई नेताओं का निर्विरोध चुना जाना तय


महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के छह उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग निश्चित है। इनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और भाजपा नेता विनोद तावड़े शामिल हैं। वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार शरद पवार का भी निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय है।


अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा से पूर्व डिप्टी सीएम के बेटे पार्थ पवार ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने पार्टी प्रवक्ता ज्योति वाघमारे को उम्मीदवार बनाया है।


पश्चिम बंगाल में नामांकन की प्रक्रिया

बंगाल में पांच सीटों के लिए नामांकन


पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा ने पांच राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवार उतारे हैं।


तृणमूल कांग्रेस की ओर से मंत्री बाबुल सुप्रियो, राज्य के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, सुप्रीम कोर्ट की वकील मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोएल मलिक ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा को अपना एकमात्र उम्मीदवार बनाया है।


असम और तेलंगाना में भी उम्मीदवारों ने भरे पर्चे

असम और तेलंगाना में भी उम्मीदवारों ने भरे पर्चे


असम में सत्तारूढ़ एनडीए की ओर से भाजपा के जोगेन मोहन और तेराश गोवाला के साथ यूपीपीएल के प्रमोद बोरों ने नामांकन दाखिल किया है।


तेलंगाना में कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। सिंघवी को तेलंगाना से कार्यकाल पूरा होने के बाद फिर से उम्मीदवार बनाया गया है।


तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ में चुनावी प्रक्रिया

तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ में भी चुनावी प्रक्रिया जारी


तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के मौजूदा सांसद एम थंबिदुरई और पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं, सत्तारूढ़ द्रमुक की ओर से तिरुचि शिवा और जे. कांस्टेंटिन रविंद्रन मैदान में हैं।


इसके अलावा द्रमुक की सहयोगी कांग्रेस के उम्मीदवार एम क्रिस्टोफर तिलक और डीएमडीके के कोषाध्यक्ष एल.के. सुदीश ने भी अपने पर्चे दाखिल किए हैं।


छत्तीसगढ़ में भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम ने भी नामांकन दाखिल किया है।


हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का चौंकाने वाला निर्णय

हिमाचल में कांग्रेस ने चौंकाया


हिमाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने कांगड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया।


पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जैसे पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी इस सीट के लिए उम्मीद लगाए हुए थे।


राज्यसभा सीटों का वितरण

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सीटें


इस बार जिन राज्यों में राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, उनमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सात सीटें हैं। तमिलनाडु में छह, बिहार और पश्चिम बंगाल में पांच-पांच, ओडिशा में चार, असम में तीन और हरियाणा, तेलंगाना तथा छत्तीसगढ़ में दो-दो सीटें खाली हो रही हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी एक सीट खाली है।


बिहार, ओडिशा और हरियाणा में एक-एक सीट पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है।


राज्यसभा में वापसी करने वाले दिग्गज नेता

कई दिग्गज फिर पहुंचेंगे राज्यसभा


इस बार के चुनाव में कई नेता फिर से राज्यसभा में पहुंचने वाले हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और रामदास आठवले के अलावा द्रमुक के नेता और पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष एम. थंबिदुरई तथा कांग्रेस के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी शामिल हैं।