राज्यसभा चुनाव: बिहार, ओडिशा और हरियाणा में राजनीतिक हलचल तेज
राज्यसभा चुनाव की तैयारी
नई दिल्ली: देश में राज्यसभा की सीटों के लिए चुनावी गतिविधियाँ अपने चरम पर हैं। सोमवार को बिहार, ओडिशा और हरियाणा में 11 सीटों के लिए मतदान होगा, जबकि सात राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन लगभग निश्चित है। इन चुनावों ने विभिन्न राज्यों में राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है, जहां दल अपने विधायकों को एकजुट रखने और क्रॉस-वोटिंग को रोकने के लिए रणनीतियाँ बना रहे हैं।
बिहार में एनडीए की उम्मीदें
बिहार में पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। एनडीए के नेता सभी सीटें जीतने का विश्वास व्यक्त कर रहे हैं। प्रमुख उम्मीदवारों में जेडीयू के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के नितिन नबीन और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। जेडीयू के केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा के प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार भी चुनावी मैदान में हैं। जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी का कहना है कि एनडीए सभी सीटें जीतने के लिए आश्वस्त है।
उनका मानना है कि विपक्षी दलों की लगातार बैठकें इस बात का संकेत हैं कि वे परिणाम को लेकर निश्चित नहीं हैं। दूसरी ओर, आरजेडी अपने उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को जिताने के लिए एआईएमआईएम के समर्थन पर निर्भर है। बताया गया है कि एआईएमआईएम के पांच विधायक आरजेडी के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी एआईएमआईएम नेताओं से समर्थन की मांग की है।
ओडिशा में सियासी नाटक
ओडिशा में चार सीटों के लिए चुनाव ने दिलचस्प मोड़ ले लिया है। यहां कांग्रेस के एक विधायक के अचानक गायब होने के बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी बीच, बेंगलुरु में उस रिसॉर्ट के पास दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जहां ओडिशा के कांग्रेस विधायक ठहरे हुए थे। आरोप है कि उन्होंने विधायकों को दल बदलने के लिए लालच देने की कोशिश की थी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कुछ लोगों ने विधायकों को करोड़ों रुपये देने का प्रस्ताव दिया और मना करने पर धमकी भी दी। इस स्थिति को देखते हुए भाजपा ने अपने विधायकों को मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने के लिए पारादीप भेज दिया है। वहीं, बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक भी अपने विधायकों से मुलाकात कर रहे हैं और उन्हें पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करने की सलाह दे रहे हैं।
हरियाणा में विधायकों की सुरक्षा
हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल मैदान में हैं। चुनाव जीतने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 31 वोटों की आवश्यकता होगी। क्रॉस-वोटिंग से बचने के लिए कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को हिमाचल प्रदेश के एक रिसॉर्ट में ठहराया है। बाद में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरे स्थान पर ले जाया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी विधायकों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
पश्चिम बंगाल में रोचक मुकाबला
पश्चिम बंगाल की पांच सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। यहां तृणमूल कांग्रेस के बाबुल सुप्रियो, पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मल्लिक चुनावी मैदान में हैं। भाजपा की ओर से राहुल सिन्हा उम्मीदवार हैं।
निर्विरोध उम्मीदवारों की सूची
कुछ राज्यों में मुकाबला लगभग समाप्त हो चुका है क्योंकि वहां उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन तय है। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के छह उम्मीदवारों समेत कुल सात प्रत्याशी बिना मुकाबले राज्यसभा पहुंचने वाले हैं। इनमें भाजपा के विनोद तावड़े, माया इवानते, आरपीआई के रामदास अठावले और एनसीपी के पार्थ पवार जैसे नाम शामिल हैं।
तमिलनाडु में डीएमके, कांग्रेस, एआईएडीएमके और अन्य दलों के कुल छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के अनुराग शर्मा अकेले उम्मीदवार हैं और उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। तेलंगाना में कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंहवी और वेम नरेंद्र रेड्डी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ और असम में भी कई उम्मीदवार बिना मुकाबले राज्यसभा पहुंचने वाले हैं।