राज्यसभा चुनावों में ओडिशा, बिहार और हरियाणा की राजनीति में हलचल
राज्यसभा चुनावों का ताजा घटनाक्रम
नई दिल्ली: राज्यसभा चुनावों के हालिया परिणामों ने ओडिशा, बिहार और हरियाणा की राजनीतिक स्थिति में उथल-पुथल मचा दी है। ओडिशा में, नवीन पटनायक की बीजेडी और कांग्रेस को अपने विधायकों की बगावत का सामना करना पड़ा है। बिहार में एनडीए ने सभी सीटों पर जीत हासिल कर विपक्ष को ध्वस्त कर दिया है। वहीं, हरियाणा में मतदान के बाद कुछ वोटों पर आपत्ति के कारण मतगणना रोक दी गई है।
ओडिशा में बगावत का खेल
ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों पर मतदान के दौरान बीजेडी और कांग्रेस के विधायकों ने अप्रत्याशित रूप से पाला बदल लिया है। बीजेडी के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों ने बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोट दिया है। इस बगावत ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को चौंका दिया है, और अब बीजेडी और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता की हार लगभग निश्चित मानी जा रही है।
बगावत के प्रमुख चेहरे
क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों ने अपनी नाराजगी स्पष्ट रूप से व्यक्त की है। कटक चौद्वार से विधायक सौभिक बिस्वाल ने अपने पिता को पार्टी से निकालने का बदला लेने के लिए दिलीप राय को वोट दिया। देबीरंजन त्रिपाठी ने कांग्रेस से गठबंधन को बीजेडी की गलती बताया। सुबासिनी जेना ने भी पति के बीजेपी में जाने के बाद पार्टी के खिलाफ वोट डाला। इसके अलावा, नब मल्लिक, चक्रमणि कंहर और रमाकांत भोई जैसे विधायकों ने भी पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान किया है।
बिहार में एनडीए की शानदार जीत
बिहार में एनडीए ने सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम विजयी घोषित हुए हैं। एनडीए की इस जीत ने विपक्षी महागठबंधन के दावों को ध्वस्त कर दिया है, और इससे बिहार की सत्ताधारी गठबंधन की विधायी शक्ति में वृद्धि हुई है।
महागठबंधन की रणनीति विफल
महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह (एडी सिंह) को हार का सामना करना पड़ा है। मतदान के दौरान महागठबंधन के चार विधायक अनुपस्थित रहे, जिससे एडी सिंह की जीत की संभावनाएं समाप्त हो गईं। राजद और कांग्रेस के बीच तालमेल की कमी ने एनडीए के लिए स्थिति को और भी सरल बना दिया। इस परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्षी खेमे में फूट पड़ चुकी है, जिसका खामियाजा उन्हें राज्यसभा की महत्वपूर्ण सीटें गंवाकर भुगतना पड़ा है।
हरियाणा में मतगणना पर रोक
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए 88 विधायकों ने मतदान किया, लेकिन परिणामों की घोषणा अभी बाकी है। इनेलो के दो विधायकों ने मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार किया है। विवाद तब उत्पन्न हुआ जब अनिल विज, परमवीर सिंह और भरत बेनीवाल के वोटों पर तकनीकी आपत्तियां उठाई गईं। इस मामले की आधिकारिक शिकायत चुनाव आयोग से की गई है, और आयोग के निर्देश मिलने तक मतगणना रोक दी गई है।