राज्यसभा में पीएम मोदी का जोरदार भाषण: विपक्ष के हंगामे के बीच खड़गे पर तंज
संसद का बजट सत्र: राजनीतिक तनाव का माहौल
नई दिल्ली: संसद का वर्तमान बजट सत्र राजनीतिक विवादों का केंद्र बन गया है। बुधवार को लोकसभा में भारी शोरगुल के कारण प्रधानमंत्री का भाषण स्थगित कर दिया गया था, लेकिन आज, यानी गुरुवार को, पीएम मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस दौरान विपक्ष ने सदन में नारेबाजी और वॉकआउट का निर्णय लिया, फिर भी प्रधानमंत्री ने अपना भाषण जारी रखा। पीएम मोदी ने खड़गे पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
विपक्ष का वॉकआउट और हंगामा
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विरोध इतना बढ़ गया कि अंततः उन्होंने सदन से बाहर जाने का निर्णय लिया। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में भी गतिरोध इतना गंभीर था कि वहां प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास करने की तैयारी की गई। राज्यसभा में विपक्ष की अनुपस्थिति के बावजूद, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन को जारी रखा और देश के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
खड़गे पर पीएम मोदी का कटाक्ष
अपने भाषण में, प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें सदन में बैठे-बैठे भी नारे लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
युवा शक्ति की सराहना
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की युवा शक्ति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के युवा ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और हर क्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ा है। मोदी के अनुसार, भारत आज वैश्विक स्तर पर हर चुनौती का समाधान दे रहा है। युवा पीढ़ी का अटूट सामर्थ्य ही विकसित भारत के सपने को साकार करने की मुख्य धुरी है।
विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण समय
मोदी ने 21वीं सदी के इस दूसरे कालखंड को बेहद निर्णायक बताया। उन्होंने इसकी तुलना पिछली शताब्दी में स्वतंत्रता संग्राम के दूसरे चरण से की। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जैसे वह समय स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण था, वैसे ही यह समय 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए सामर्थ्यवान साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब देश को न रुकना है और न पीछे मुड़कर देखना है। भारत को अब केवल लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में तेज गति से चलना है।