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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में केजरीवाल का बड़ा आरोप

राम मंदिर में चंदे की चोरी के मामले में अरविंद केजरीवाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस चोरी में बड़े लोग शामिल हैं और यदि कार्रवाई की गई, तो सरकार गिर सकती है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि सरकार किसे बचा रही है, जबकि करोड़ों हिंदुओं की आस्था दांव पर है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और केजरीवाल के बयान के पीछे की सच्चाई।
 

राम मंदिर में चंदे की चोरी का मामला

नई दिल्ली। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। करोड़ों रुपये के साथ-साथ सोने और चांदी के आभूषण भी गायब होने का दावा किया जा रहा है। इस संदर्भ में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने एक गंभीर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इस चोरी के मामले में कई बड़े लोग शामिल हैं और यदि कार्रवाई की गई, तो सरकार गिर सकती है।

केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने लिखा, "राम मंदिर में करोड़ों हिंदुओं की आस्था है। उसी राम मंदिर से करोड़ों रुपये के चंदे की चोरी हो गई, लेकिन एक भी FIR दर्ज नहीं हुई। सरकार किसे बचा रही है? इस पाप में शामिल लोग कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें जेल में डालना चाहिए। करोड़ों लोगों की आस्था की रक्षा करना आवश्यक है।"

राम मंदिर में करोड़ों हिंदुओं की आस्था है। उसी राम मंदिर से करोड़ों रुपये के चंदे की चोरी हो गई, लेकिन एक भी FIR दर्ज नहीं हुई।

सरकार किसे बचा रही है? इस पाप में शामिल लोग कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें सीधे जेल में डालो। करोड़ों लोगों की आस्था की रक्षा ज़रूरी है। pic.twitter.com/JNgrhGpPs6

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 21, 2026

वीडियो में केजरीवाल ने आगे कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से करोड़ों रुपये चंदे की चोरी हुई है। बताया जा रहा है कि लगभग दो सौ करोड़ रुपये नकद चोरी हुए हैं और कई हीरे-जेवरात भी गायब हो गए हैं। लेकिन इस मामले में न तो यूपी पुलिस, न ही ईडी और न ही सीबीआई ने कोई FIR दर्ज की है। केंद्र और यूपी दोनों जगहों पर इनकी सरकारें हैं, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस मामले में कई बड़े नाम शामिल हैं। यदि कार्रवाई की गई, तो सरकार को खतरा हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार को बचाना जरूरी है या करोड़ों लोगों की आस्था को?