×

राम मंदिर चढ़ावे चोरी मामले में विश्व हिंदू परिषद की नई मांग

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में विश्व हिंदू परिषद ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच की मांग की है। आलोक कुमार ने आरोप लगाया है कि विपक्षी नेता झूठे आरोप लगा रहे हैं। इस विवाद में चोरी की राशि को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की राजनीति।
 

चोरी के आरोपों पर विवाद


भारत में एक पुरानी कहावत है, ‘उलटा चोर कोतवाल को डांटे’, जो हाल के समय में समाज में आम होती जा रही है। जब किसी की गलती उजागर होती है, तो वह खुद को बचाने के लिए आरोप लगाने वाले के खिलाफ मोर्चा खोल देता है। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मांग की है कि चोरी के आरोप लगाने वाले विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच की जाए, बजाय इसके कि चोरी की ईमानदारी से जांच की जाए।


विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच होनी चाहिए। यदि ये आरोप गलत साबित होते हैं, तो इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। यह स्थिति तब है जब चोरी पकड़ी जा चुकी है और सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चोरी के 80 लाख रुपए बरामद हो चुके हैं। इसके अलावा, चोरों ने लाखों रुपए विभिन्न कार्यों में खर्च किए हैं, जैसे जमीनें खरीदना, घर बनवाना और गाड़ियां खरीदना। यह राशि करोड़ों में हो सकती है।


हालांकि, विहिप का ध्यान उन लोगों पर है जो आरोप लगा रहे हैं। क्या विपक्ष के नेताओं को सजा दी जाएगी यदि वे सौ करोड़ की चोरी की बात कर रहे हैं, जबकि चोरी केवल आठ करोड़ की हुई है? क्या विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया जाएगा कि वे तो सौ करोड़ कह रहे थे, लेकिन चोरी तो केवल दो, चार या आठ करोड़ की ही हुई है?