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राम मंदिर चढ़ावे में गबन: अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए सवाल

राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन के मामले में कई नए खुलासे हुए हैं। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य शामिल हैं। अखिलेश यादव ने इस मामले पर सरकार पर तीखा हमला किया है, यह कहते हुए कि यदि भाजपा के महापाप की परतें इसी तरह खुलती रहीं, तो जांच के बजाय ढांक का काम तेजी से शुरू होगा। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या है सिंधी समाज का दावा।
 

राम मंदिर चढ़ावे में गबन के आरोप


लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन के मामले में कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे शामिल हैं। इस बीच, सिंधी समाज ने एक बड़ा दावा किया है कि उन्होंने चंपत राय को 200 किलो चांदी दान की थी, लेकिन इसके लिए कोई रसीद नहीं दी गई। इस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला किया है।


अखिलेश यादव ने कहा, "एक और परत खुल गई है... यदि भाजपा और उनके सहयोगियों के महापाप की परतें इसी तरह खुलती रहीं, तो 'जांच' के बजाय 'ढांक' का काम और तेजी से शुरू हो जाएगा।" रिपोर्ट के अनुसार, सिंधी समाज का कहना है कि चंपत राय को 200 किलो चांदी दान की गई थी, लेकिन इसके लिए कोई रसीद नहीं दी गई।


एक परत और खुली… अगर भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के महापाप की परतें यूँ ही खुलती रहीं तो ‘जाँच’ की जगह ‘ढाँक’ का काम और भी तेज़ी से शुरू हो जाएगा। pic.twitter.com/RSClRtqmqS

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 23, 2026



यह ध्यान देने योग्य है कि राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन के मामले की एसआईटी जांच चल रही है। एसआईटी ने आज अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट यूपी सरकार को सौंपी है। हालांकि, जांच अभी जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी और कमीशनखोरी के सबूत शामिल हैं। मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति और गणना प्रक्रिया में बड़े हेरफेर की आशंका भी जताई गई है। रिपोर्ट में गवाहों का भी उल्लेख किया गया है।


एसआईटी में शामिल लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ आईजी रेंज किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन ने आज सुबह करीब 11 बजे शासन में रिपोर्ट प्रस्तुत की। अब यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी।