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राम मंदिर पुजारियों के लिए नए सख्त नियम लागू

राम मंदिर में पुजारियों के लिए नई आचार संहिता लागू की गई है, जिसमें मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा, तिलक लगाना अनिवार्य किया गया है और पारंपरिक पंचकेशी नियमों का पालन करना होगा। मंदिर ट्रस्ट ने अनुशासन और पवित्रता बनाए रखने के लिए ये सख्त कदम उठाए हैं। जानें इस नई व्यवस्था के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

अयोध्या में नियमों का कड़ाई से पालन

अयोध्या। राम मंदिर के पुजारियों के लिए एक नई और सख्त आचार संहिता लागू की गई है। यह कदम राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा मंदिर परिसर और गर्भगृह में अनुशासन, मर्यादा और आध्यात्मिक पवित्रता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत कुछ महत्वपूर्ण नियम लागू किए गए हैं—


गर्भगृह में मोबाइल का पूर्ण प्रतिबंध

गर्भगृह के अंदर पुजारियों के लिए मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह से निषिद्ध है। ड्यूटी के दौरान सभी पुजारियों को अपने फोन मंदिर समिति के पास जमा करने होंगे।


तिलक लगाना अनिवार्य

सेवा के दौरान सभी पुजारियों के लिए तिलक लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।


‘पंचकेशी’ नियमों का पालन

धार्मिक मर्यादा के अनुसार, सभी पुजारियों को पारंपरिक ‘पंचकेशी’ नियमों का पालन करना होगा, जिसमें बाल, दाढ़ी, मूंछ और शिखा से जुड़े नियम शामिल हैं। पंचकेशी एक धार्मिक और सांस्कृतिक नियम है, जिसके तहत सिर, दाढ़ी, मूंछ, भृकुटी और शिखा के बालों को विशेष रूप से व्यवस्थित रखने का विधान है।


स्पर्श और अनावश्यक संपर्क पर पाबंदी

सेवा के दौरान मंदिर ट्रस्ट के अन्य कर्मियों के साथ अनुचित स्पर्श, मेलजोल या अनावश्यक बातचीत पर रोक लगा दी गई है। नियमों के उल्लंघन पर प्रायश्चित का प्रावधान भी है। यदि कोई पुजारी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे धार्मिक शुद्धि के लिए ‘पंचगव्य प्राशन’ की प्रक्रिया अपनानी होगी। ट्रस्ट के अनुसार, इन कड़े नियमों का उद्देश्य विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर की मर्यादा और सुरक्षा को बनाए रखना है।