राष्ट्रपति मुर्मु का स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन: देशवासियों की भूमिका और विकास की दिशा
राष्ट्रपति का संबोधन
नई दिल्ली - स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को श्रद्धांजलि देते हुए, विभाजन की त्रासदी, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और पिछले एक दशक में हुए विकास पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रपति ने कहा, “15 अगस्त 1947 को भारत ने पराधीनता की बेड़ियों से मुक्ति पाई। सभी नागरिक स्वतंत्र भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, श्रमिकों और किसानों की मेहनत की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि सभी नागरिक संविधान में निहित कर्तव्यों का पालन करते हुए राष्ट्र-निर्माण में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।
महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए लोगों का उल्लेख करते हुए, राष्ट्रपति ने बाबासाहब आंबेडकर के समाज सुधार के आदर्शों को भी याद किया। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के महत्व को रेखांकित किया, जिसमें लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता के समय 550 से अधिक रियासतों का नवस्वाधीन भारत में विलय एक बड़ी चुनौती थी, जिसे सरदार पटेल ने सफलतापूर्वक पूरा किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज साधारण पृष्ठभूमि के लोग विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रहे हैं, जिससे यह विश्वास मजबूत होता है कि हर व्यक्ति बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा कर सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और न्याय-व्यवस्था से जुड़े लोगों के कर्तव्यों पर भी जोर दिया।
पिछले एक दशक में देश ने समावेशी विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। राष्ट्रपति ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके आदर्शों के अनुसार वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य राष्ट्रीय प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है और प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।