राष्ट्रपति मुर्मू से टीएमसी सांसदों की मुलाकात का अनुरोध अस्वीकृत
टीएमसी सांसदों का राष्ट्रपति से मिलने का प्रयास
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का अनुरोध किया था। उनका उद्देश्य राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा करना था। हालांकि, राष्ट्रपति भवन ने इस अनुरोध को अस्वीकृत कर दिया है।
अनुरोध का विवरण
टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने 9 मार्च को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर 12 से 15 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगा था। इस प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के साथ-साथ राज्य के मंत्रियों के नाम शामिल थे।
राष्ट्रपति भवन का उत्तर
राष्ट्रपति भवन ने टीएमसी को सूचित किया कि समय की कमी के कारण मुलाकात संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन ने अनुरोध पर विचार किया लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बावजूद, टीएमसी नेताओं ने हार नहीं मानी और अगले सप्ताह के लिए फिर से समय मांगा है। यह घटनाक्रम राजनीतिक गर्माहट के बीच में हुआ है।
राष्ट्रपति का कार्यक्रम और प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति मुर्मू 7 मार्च को सिलीगुड़ी के पास 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल हुई थीं। इस कार्यक्रम में उन्होंने नाराजगी व्यक्त की कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या कोई मंत्री बागडोगरा हवाईअड्डे पर उनका स्वागत करने नहीं आए। उन्होंने इसे प्रोटोकॉल के खिलाफ बताया।
प्रशासन पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल के बदलाव पर भी सवाल उठाए। यह कार्यक्रम पहले बिधाननगर में होना था, लेकिन बाद में इसे बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोशाईपुर में स्थानांतरित कर दिया गया। राष्ट्रपति ने कहा कि स्थान छोटा था, जिससे अधिक लोग नहीं आ सके। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि क्या उन्हें लगता था कि कोई नहीं आएगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति के सवालों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भाजपा की सलाह पर बोल रही हैं। ममता ने मणिपुर और छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्यों में आदिवासियों पर हुए कथित अत्याचारों पर राष्ट्रपति की चुप्पी पर सवाल उठाए। इसके अलावा, ममता ने स्पष्ट किया कि प्रोटोकॉल के अनुसार वे रिसेप्शन लाइनअप में नहीं थीं और राष्ट्रपति का अपमान कभी नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राष्ट्रपति के नाम का उपयोग करके राज्य को बदनाम कर रही है।