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राहुल गांधी का इंदौर दौरा: दूषित पानी से प्रभावित परिवारों से मिले

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पीने से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी आर्थिक सहायता की। उन्होंने सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्मार्ट सिटी का नया मॉडल है, जहां लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल के बयान पर पलटवार किया। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

राहुल गांधी का इंदौर दौरा


नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज इंदौर का दौरा किया, जहां उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने दूषित पानी पीने के कारण अपने प्रियजनों को खोया है। उन्होंने इन परिवारों की आर्थिक सहायता भी की। राहुल गांधी ने इस मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि, 'भाजपा की डबल इंजन सरकार का नया स्मार्ट सिटी मॉडल... पानी में ज़हर, हवा में ज़हर, दवा में ज़हर, ज़मीन में ज़हर, और जब जवाब मांगो तो बुलडोजर चलेगा!'


उन्होंने आगे कहा कि इस मॉडल में गरीबों की मौतों के लिए कोई जिम्मेदार नहीं होता। सरकार को इंदौर की इस त्रासदी के लिए जवाबदेही लेनी चाहिए, दोषियों को सजा देनी चाहिए और पीड़ितों को उचित इलाज और मुआवजा जल्द से जल्द प्रदान करना चाहिए। वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, 'काश आपको उसी मध्य प्रदेश का यूनियन कार्बाइड याद होता? एंडरसन को भगाने का वाक़या जनता को बताते? क्या हो गया आपको कुछ खाते क्यों नहीं?'




राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से प्रभावित लोगों से मिलकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। कई परिवारों के सदस्यों की जान चली गई है और कई लोग बीमार हैं। उन्होंने कहा कि वादा किया गया था कि देश को 'स्मार्ट सिटी' दी जाएगी, लेकिन यह स्मार्ट सिटी का नया मॉडल है, जहां पीने का पानी नहीं है और लोगों को डराया जा रहा है। इंदौर में साफ पानी की कमी है, जिससे लोगों की मौतें हुई हैं और यह सरकार का 'अर्बन मॉडल' है।


यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य शहरों में भी देखने को मिल रही है। लोगों को साफ पानी और हवा मिलना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वह इस कार्य में असफल रही है। सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पीड़ितों को उचित मुआवजा भी मिलना चाहिए, क्योंकि यह स्थिति सरकार की लापरवाही का परिणाम है। आज भी यहां साफ पानी उपलब्ध नहीं है। इसलिए लोग चाहते हैं कि यहां साफ पानी की व्यवस्था की जाए। जनता को साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है, जिसे पूरा किया जाना चाहिए। विपक्ष के नेता के रूप में मैं इनकी आवाज उठाने आया हूं, यह मेरी जिम्मेदारी है - मैं पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हूं।