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राहुल गांधी का चुनावी धांधली पर गंभीर आरोप, भाजपा पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में व्यापक धांधली हुई है। राहुल ने अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने का भी आश्वासन दिया। उनका कहना है कि भाजपा के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर गायब हो जाती है, जबकि अन्य दलों के खिलाफ यह प्रभावी रहती है। जानें इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में और क्या कहा राहुल ने।
 

राहुल गांधी का प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर हमला

नई दिल्ली - लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि देश में सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी) कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के खिलाफ तो प्रभावी है, लेकिन भाजपा के खिलाफ यह लहर गायब हो जाती है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में व्यापक धांधली हुई है।


राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वह बिना किसी आधार के यह बात नहीं कह रहे हैं। उनके अनुसार, उनके पास मौजूद जानकारी और सबूत इस बात को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि भारतीय चुनावों में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से हैं और पिछले 50 वर्षों से भारतीय राजनीति का गहन अवलोकन कर रहे हैं। उनके अनुसार, भारत में एंटी-इन्कम्बेंसी एक स्वाभाविक राजनीतिक ताकत है, जो हर सरकार के खिलाफ समय के साथ उभरती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध के बाद भारी लोकप्रियता हासिल की थी, लेकिन कुछ समय बाद उनके खिलाफ भी सत्ता विरोधी माहौल बन गया।


उन्होंने कहा, "मैं पूरी निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में धांधली हुई। मेरे पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। यह 99 प्रतिशत नहीं, बल्कि 100 प्रतिशत निश्चित है।" राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्त भी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जता रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को मौजूदा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग का सबसे बड़ा दायित्व मतदाता के वोट की रक्षा करना है। यदि वोट सुरक्षित नहीं रहेगा, तो संविधान सही ढंग से काम नहीं करेगा, कानूनों की वैधता पर सवाल उठेंगे और लोकतांत्रिक संस्थाओं का महत्व समाप्त हो जाएगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि "पहले वोट चोरी हुई, फिर कानून चोरी हुआ और अब संस्थाओं की चोरी हो रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि जिन सांसदों का चुनाव कथित "वोट चोरी" के जरिए हुआ है, उनके द्वारा बनाए गए कानून भी अवैध हैं।