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राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला: शर्म और राष्ट्रीय हितों का सवाल

भारतीय राजनीति में 'शर्म' के मुद्दे पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया है और अमेरिका के साथ व्यापार सौदे में देश को बेचा है। गांधी ने एपस्टीन फाइल्स मामले को लेकर भी सवाल उठाए। जानें इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे के गंभीर आरोप।
 

नई दिल्ली में राजनीतिक विवाद


नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में 'शर्म' के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले राष्ट्रीय कलंक को संरक्षण दिया है। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब पीएम मोदी ने एआई समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को 'गंदी और नंगी राजनीति' कहा था।


राहुल गांधी का वीडियो संदेश

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सीधे प्रधानमंत्री से सवाल किया, 'मोदी जी, आप शर्म की बात करते हैं? चलिए मैं आपको बताता हूं कि शर्म क्या है।' उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स जैसे विवाद में प्रधानमंत्री और उनके करीबी लोगों का नाम आना असली शर्म की बात है। राहुल ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए कहा कि एक कुख्यात अपराधी के साथ शीर्ष नेतृत्व का नाम जुड़ना अपमानजनक है।


अमेरिका के साथ व्यापार सौदा

अमेरिका से ट्रेड डील और राष्ट्रीय हितों का सौदा


विपक्ष के नेता ने अमेरिका के साथ व्यापार सौदे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस डील में देश को बेचा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का डेटा विदेशी हाथों में सौंप दिया गया है, किसानों को बर्बाद किया गया है, और कपड़ा उद्योग को खत्म किया गया है। राहुल ने कहा कि यह नीतिगत निर्णय देशहित के बजाय कुछ विशेष लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए लिया गया है।


अडानी केस पर सवाल

अडानी केस और 'वित्तीय ढांचा'


राहुल गांधी ने अमेरिका में गौतम अडानी के खिलाफ चल रहे इंडिक्टमेंट केस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह मामला प्रधानमंत्री की नींद उड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक उद्योगपति का मामला नहीं है, बल्कि भाजपा के वित्तीय ढांचे के खिलाफ है। राहुल ने सवाल किया कि आखिर पिछले 14 महीनों से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?


हरदीप पुरी का स्पष्टीकरण

हरदीप पुरी की सफाई


इन गंभीर आरोपों के बीच, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एपस्टीन के साथ अपने कथित संबंधों पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में अपने प्रवास के दौरान वे जेफरी एपस्टीन से केवल तीन-चार बार मिले थे, और ये मुलाकातें 2017 में उनके केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने से पहले की थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उस समय एक स्वतंत्र आयोग से जुड़े थे और ये सभी विवरण पहले से ही सार्वजनिक हैं।