राहुल गांधी का बिहार और उत्तर प्रदेश दौरा: संगठन में बदलाव की आवश्यकता
राहुल गांधी का कार्यक्रम
राहुल गांधी ने बिहार और उत्तर प्रदेश की यात्रा की योजना बनाई है। वे 10 जुलाई को प्रयागराज और 11 जुलाई को पटना में छात्र सम्मेलनों का आयोजन करेंगे। इससे पहले, पार्टी के नेताओं ने संगठन में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अजय राय या प्रभारी अविनाश पांडे में से किसी एक को बदलने की आवश्यकता है। अगले साल चुनाव होने वाले हैं, इसलिए संगठन को नया रूप देने की आवश्यकता है। हाल ही में अजय राय को दिल्ली बुलाया गया था, लेकिन जिस दिन उनकी मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात होनी थी, उसी दिन वे अचानक कर्नाटक चले गए। यूपी कांग्रेस के नेता चाहते हैं कि संगठन के बारे में स्पष्टता हो ताकि 10 जुलाई के कार्यक्रम के साथ-साथ भविष्य के कार्यक्रमों की तैयारी भी बेहतर हो सके।
बिहार में संगठन की स्थिति
बिहार में भी संगठन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पिछले आठ वर्षों में चार अध्यक्ष बदले गए हैं, लेकिन प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने एक कमेटी बनाई थी, लेकिन जब वे जनता दल यू में चले गए, तो उनके बाद मदन मोहन झा, अखिलेश प्रसाद सिंह और राजेश राम तीन अध्यक्ष बने, लेकिन कोई भी अध्यक्ष प्रदेश कमेटी का गठन नहीं कर सका। हाल ही में कांग्रेस के प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए बड़े पैमाने पर इंटरव्यू हुए, लेकिन चार महीने बाद भी प्रवक्ता नियुक्त नहीं हुए हैं। यदि राहुल गांधी 11 जुलाई को पटना में प्रभावी कार्यक्रम करना चाहते हैं, तो उन्हें संगठन को मजबूत करना होगा और सहयोगी पार्टियों के नेताओं तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और दीपांकर भट्टाचार्य से बातचीत करके साझा सम्मेलन के लिए उन्हें तैयार करना होगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि राहुल गांधी एक साल पहले बिहार में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन उसके बाद उन्होंने बिहार को छोड़ दिया था। निरंतरता बनाए रखना भी आवश्यक है।