राहुल गांधी का लोकसभा में विवादित भाषण, हंगामे के बीच उठाए गंभीर सवाल
राहुल गांधी का भाषण और हंगामा
नई दिल्ली में बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक रोकने के लिए पेश किए गए बिल पर अपने विचार रखे। उनके 50 मिनट के भाषण के दौरान विपक्ष की ओर से लगातार interruptions होती रहीं। स्पीकर ने भी उन्हें कई बार टोका, जबकि संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजीजू ने भी कई बार हस्तक्षेप किया। राहुल ने अपने भाषण में 'ईडियट' और 'अंधभक्त' जैसे शब्दों का प्रयोग किया, जिससे हंगामा बढ़ गया।
राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था। हालांकि, भाजपा ने इस दावे का खंडन किया, यह कहते हुए कि छात्रों पर गोलीबारी नहीं हुई, इसलिए आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता। राहुल के इस बयान पर सत्ता पक्ष ने तीव्र प्रतिक्रिया दी।
राहुल के भाषण के दौरान कीरेन रिजीजू ने सात बार खड़े होकर उन्हें टोका और संसदीय नियमों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राहुल को माफी मांगनी चाहिए। इस पर राहुल ने जवाब दिया, 'अगर आप चाहते हैं कि देश में केवल बीजेपी की आवाज सुनाई दे, तो मैं चुप रह सकता हूं।' स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल को कई बार टोका। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल के कुछ शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का अनुरोध किया।
राहुल ने कहा, 'देश का भविष्य सड़कों पर है। प्रदर्शन में गुस्सा या नफरत नहीं थी, बल्कि वे अपनी आवाज उठा रहे थे। अगर भाजपा के मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन क्या कर रहे हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का समर्थन ही मिलेगा।' उन्होंने एक प्रदर्शनकारी लड़की का उदाहरण देते हुए 'ईडियट' शब्द का उल्लेख किया।