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राहुल गांधी ने केरल विधानसभा चुनाव में बदलाव की अपील की

राहुल गांधी ने केरल विधानसभा चुनावों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने यूडीएफ की सरकार बनाने का समर्थन करते हुए कहा कि केरल के लोग अब बदलाव के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, हर उम्मीदवार केरलम के लोगों की आवाज और उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता है। राहुल ने अपने विशेष लगाव का उल्लेख करते हुए कहा कि केरल उनके लिए एक घर की तरह है। वे जनता की समस्याओं को समझने और ईमानदारी से काम करने का वादा कर रहे हैं।
 

केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की रणनीति


नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इसी संदर्भ में, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि केरल के लोग अब बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यूडीएफ (UDF) की सरकार बनाने का समर्थन किया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'टीम यूडीएफ ही टीम केरलम है।'




उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि हर उम्मीदवार केरलम के लोगों की आवाज, उनकी उम्मीदों और उनके भरोसे का प्रतीक है। इस टीम में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा परिवर्तनकारी चेहरे भी शामिल हैं। यह एक मजबूत समूह है, जो अपने निर्वाचन क्षेत्रों की जटिलताओं और समस्याओं को भली-भांति समझता है।


वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने केरल के प्रति अपने विशेष लगाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए केरलम एक घर की तरह है और वहां के लोग उनके परिवार के समान हैं। केरल के लोगों से मिली शिक्षा और प्यार के लिए वे आभारी हैं। उन्होंने वादा किया कि वे हमेशा उनके साथ रहेंगे।'


लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि केरलम से स्पष्ट संदेश है कि जनता अब बदलाव चाहती है। वे एक ऐसी सरकार की तलाश में हैं जो उनकी समस्याओं को समझे और ईमानदारी से काम करे। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाली यूडीएफ (UDF) सरकार के साथ मिलकर वे इस खूबसूरत राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।


राहुल गांधी का यह बयान कांग्रेस द्वारा 92 उम्मीदवारों की सूची जारी करने के एक दिन बाद आया है। केरल में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं। सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने इस बार किसी सांसद को विधानसभा चुनाव में नहीं उतारने का निर्णय लिया है।


कांग्रेस ने आंतरिक दबाव के बावजूद अपने राज्य स्तर के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। पार्टी कुल 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि अन्य सीटें यूडीएफ (UDF) के सहयोगी दलों और कुछ निर्दलीयों के लिए छोड़ी गई हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पिछले एक दशक से केरल की सत्ता से बाहर है।