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राहुल गांधी ने नीट प्रश्नपत्र लीक पर उठाए गंभीर सवाल, सदन में हंगामा

राहुल गांधी ने लोकसभा में नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। इस पर सत्तापक्ष ने तीखा विरोध किया और माफी की मांग की। सदन में हंगामा बढ़ गया, जिससे कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा का वैचारिक संगठन शिक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण रखता है और छात्रों ने अपने डर को पार करते हुए सवाल उठाए हैं। जानें इस विवादास्पद चर्चा के सभी पहलू।
 

राहुल गांधी का आरोप


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। इस पर सत्तापक्ष ने तीखा विरोध किया और उनसे माफी की मांग की।


राहुल गांधी ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए।


संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने किस आधार पर आरोप लगाए हैं, अन्यथा उन्हें माफी मांगनी चाहिए।


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के किसी पर आरोप नहीं लगाया जा सकता।


सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने बैठक को स्थगित कर दिया।


राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा के वैचारिक संगठन ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है।


उन्होंने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन में उनके माता-पिता का साहस नहीं है, लेकिन बच्चे खुद सामने आए हैं।


राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों ने डर को पार करते हुए सवाल उठाए हैं।


उन्होंने कहा, 'छात्रों ने अपने डर को छोड़ दिया है और सवाल किया है कि उन्हें रोजगार के अवसरों से क्यों वंचित किया जा रहा है।'


उन्होंने गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 'तथाकथित गृह मंत्री' सदन में आने की हिम्मत नहीं रखते।


राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री सदन में नहीं हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं। इसके बाद उन्होंने छात्रों पर बलप्रयोग का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए।


संसदीय कार्य मंत्री ने राहुल गांधी के बयान को गलत बताया और कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए।


समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा कि छात्रों पर बलप्रयोग का आदेश किसने दिया।


सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नारेबाजी जारी रही।


राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन गुस्सा नहीं, बल्कि युवाओं की अभिव्यक्ति है।


उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के नेता अपने बच्चों से पूछेंगे, तो उन्हें भी आंदोलनकारी बच्चों का समर्थन मिलेगा।


राहुल गांधी ने कहा कि लोग परीक्षा पर जो खर्च कर रहे हैं, वह सरकार के शिक्षा बजट से अधिक है।


उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था गरीबों से पैसे वसूलने वाली है।


राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने सही कहा था कि यह सरकार संप्रग की तरह नहीं है।


उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय वास्तव में भाजपा से संबंधित एक वैचारिक संगठन द्वारा चलाया जा रहा है।


कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों को समझना चाहिए कि यह वैचारिक संगठन उनका असली दुश्मन है।


सदन में राहुल गांधी ने एक शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्तापक्ष ने आपत्ति जताई।


संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह असंसदीय शब्द है और इसे कार्यवाही से हटा देना चाहिए।


लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को संसद की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।


सत्तापक्ष की टोकाटोकी के बीच राहुल गांधी ने बोलने से इनकार कर दिया।


इसके बाद, कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया और फिर से शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री ने विधेयक पर चर्चा का जवाब दिया।