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राहुल गांधी ने यूपीआई शुल्क पर मोदी सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के निर्णय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने अमेरिका के सामने झुकने का निर्णय लिया है और यूपीआई पर लगाए गए शुल्क को तुरंत वापस लेने की मांग की है। राहुल ने इस नीति को आम जनता से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और सरकार का क्या कहना है।
 

यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने का विवाद


नई दिल्ली। यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के निर्णय ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का निर्णय लिया है और अमेरिका को बड़ी रकम देने का मन बना लिया है। राहुल गांधी ने सरकार से मांग की है कि यूपीआई पर लगाए गए शुल्क को तुरंत वापस लिया जाए।


राहुल गांधी ने इस नीति को आम जनता से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि आखिर यूपीआई जैसी महत्वपूर्ण डिजिटल भुगतान प्रणाली पर शुल्क लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। दरअसल, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें बताया गया कि 15 अक्टूबर से कुछ पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। इसके अंतर्गत, मर्चेंट्स को 2000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4% शुल्क देना होगा, और 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये होगा।


Modi ji, roll back the UPI tax. Now. pic.twitter.com/IIt46zMgCG

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 16, 2026



राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका के सामने झुकना बंद करना चाहिए और मजबूती से खड़े रहना चाहिए। उन्होंने इंदिरा गांधी के एक पुराने बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब उनसे पूछा गया कि वह बाएं झुकती हैं या दाएं, तो उनका उत्तर था कि वह सीधी खड़ी रहती हैं। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने पूरी तरह से ट्रंप के सामने झुकने का निर्णय लिया है।


इसके साथ ही, राहुल गांधी ने यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार का यह कदम लोगों पर आर्थिक बोझ डालेगा। दूसरी ओर, सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले सामान्य लेनदेन और छोटे भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।