रिटायर्ड जनरल कीन ने पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया
रिटायर्ड जनरल कीन की टिप्पणियाँ
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक, रिटायर्ड जनरल जैक कीन, ने पाकिस्तान और कतर पर आरोप लगाया है कि वे वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता में 'प्रभावित' भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये देश अमेरिका के बजाय ईरान का समर्थन करते हैं। कीन ने फॉक्स न्यूज़ को बताया कि इन देशों को मध्यस्थ के रूप में चुनने से अमेरिका की ईरान के साथ कूटनीति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे तेहरान के इरादों को समझने में गलतफहमी उत्पन्न हुई है। यह टिप्पणी तब आई है जब ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले की योजना को रोकने का निर्णय लिया है।
कीन का अनुभव और सऊदी अरब की भूमिका
जैक कीन 'इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ़ वॉर' के अध्यक्ष हैं और उन्होंने चार अमेरिकी रक्षा मंत्रियों को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में हमारी इंटेलिजेंस एजेंसियों को यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान और कतर की स्थिति संदिग्ध है। कीन ने सऊदी अरब की भी आलोचना की, यह आरोप लगाते हुए कि रियाद ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई न करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने एयरबेस का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, यह तर्क देते हुए कि ऐसा ऑपरेशन सफल नहीं होगा।
सऊदी अरब की रणनीति
कीन ने यह भी कहा कि सऊदी अरब ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह आरोप लगाया कि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ लड़ाई का बोझ अमेरिका और इज़राइल पर डालना चाहता है, जबकि वह खुद अपने तेल बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाना चाहता है।