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रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन

रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह ट्रंप के करीबी सहयोगी और यूक्रेन के मुद्दे पर सक्रिय थे। उनके सख्त बयानों और भारत के प्रति उनके रुख ने उन्हें एक विवादास्पद राजनीतिक व्यक्तित्व बना दिया। जानें उनके जीवन और करियर के बारे में अधिक जानकारी।
 

सीनेटर ग्राहम का निधन

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और उनकी नीतियों के समर्थक माने जाने वाले रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। साउथ कैरोलिना से प्रतिनिधित्व करने वाले ग्राहम पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। एक वरिष्ठ रिपब्लिकन नेता ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है।


यूक्रेन दौरे के बाद कम नजर आए

हाल ही में किया था कीव का दौरा


लिंडसे ग्राहम ने अपने निधन से पहले यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा किया था, जिसके बाद वह सार्वजनिक जीवन में कम सक्रिय रहे। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से महत्वपूर्ण मुलाकात की। ग्राहम का मानना था कि चीन की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को शांति वार्ता में शामिल किया जाए, तो युद्ध का अंत जल्द हो सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने ट्रंप की कूटनीति की सराहना की, जिससे कई देशों को अमेरिका के प्रति वफादार रहने पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।


भारत के प्रति सख्त रुख

500 फीसदी टैरिफ की धमकी


लिंडसे ग्राहम अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते थे, विशेषकर भारत के मामले में। उन्होंने कई बार भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, हालांकि बाद में उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रशंसा भी की। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान, जब भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा, तो ग्राहम ने चेतावनी दी थी कि यदि भारत यह खरीदारी नहीं रोकता है, तो अमेरिका उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि भारत रूस की मदद कर रहा है और इसके लिए उसे दंडित किया जाना चाहिए। हाल ही में, उन्होंने ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य समझौते पर भी अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।


राजनीतिक करियर की उपलब्धियां

एयरफोर्स से न्यायपालिका समिति के अध्यक्ष तक का सफर


सीनेटर लिंडसे ग्राहम का राजनीतिक और पेशेवर जीवन अत्यंत प्रभावशाली रहा है। राजनीति में कदम रखने से पहले, वह एक सफल वकील थे और अमेरिकी एयरफोर्स में भी सेवा दे चुके थे। ग्राहम को पहली बार 2002 में सीनेटर चुना गया था और उन्होंने 2008, 2014 और 2020 में भी चुनाव जीते। 2019 से 2021 के बीच, उन्होंने न्यायपालिका पर सीनेट समिति के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से रिपब्लिकन पार्टी और अमेरिकी सीनेट को एक बड़ा झटका लगा है।