रूस का नया एयर डिफेंस सिस्टम: पेंटसीर एसएमडी और यूक्रेन युद्ध में इसकी भूमिका
रूस का नया एयर डिफेंस सिस्टम, पेंटसीर एसएमडी, यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है। यह प्रणाली ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने की क्षमता रखती है। हाल ही में यूक्रेनी ड्रोन के हमलों ने मॉस्को में भारी तबाही मचाई, जिसके जवाब में रूस ने इस सिस्टम को तैनात करने का निर्णय लिया है। जानें इस प्रणाली की विशेषताएँ और युद्ध में इसकी भूमिका के बारे में।
Aug 21, 2026, 12:57 IST
रूस का नया हथियार और यूक्रेन युद्ध
रूस का नया एयर डिफेंस सिस्टम, पेंटसीर एसएमडी, यह संकेत दे रहा है कि यूक्रेन के साथ संघर्ष अभी लंबा चलेगा। हाल ही में, यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को में जो तबाही मचाई, उसके जवाब में रूस ने इस प्रणाली को युद्ध के मोर्चे पर तैनात करने का निर्णय लिया है। यह सिस्टम ड्रोन से लेकर बैलिस्टिक मिसाइलों तक को नष्ट करने की क्षमता रखता है। यूक्रेन के द्वारा भेजे गए यूरोपीय ड्रोन ने हाल ही में मॉस्को में गंभीर नुकसान पहुंचाया था। 16 अगस्त की रात, यूक्रेन ने 1000 से अधिक ड्रोन हमले किए, जिससे मॉस्को का एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर पड़ गया। अब रूस ने यूक्रेनी ड्रोन के खिलाफ एक ठोस उपाय तैयार किया है।
पेंटसीर एसएमडी की विशेषताएँ
पेंटसीर एसएमडी को ब्रह्मास्त्र क्यों कहा जा रहा है?
इसकी विशेषताएँ इसे अद्वितीय बनाती हैं। यह सिस्टम जहां भी तैनात होगा, वहां से कोई भी ड्रोन नहीं गुजर सकेगा। इसे विशेष रूप से बड़े पैमाने पर होने वाले हवाई हमलों का सामना करने के लिए विकसित किया गया है। इसकी एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह एक साथ कई ड्रोन के हमलों का सामना कर सकता है। पेंटसीर को मुख्य रूप से कम दूरी के हवाई खतरों से सुरक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया है। रूस का कहना है कि इसका उपयोग ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए किया जा सकता है। नए सिस्टम को विभिन्न प्रकार के हवाई हमलों के अनुसार कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। इसमें 48 राउंड तक रखे जा सकते हैं और यह 24 घंटे अलर्ट पर रहता है। इसका उद्देश्य केवल सैनिकों की सुरक्षा नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक ठिकानों की रक्षा करना भी है।
ड्रोन का प्रभाव और यूक्रेन का जवाब
रूसी सेना ने यह समझ लिया है कि ड्रोन युद्ध के दौरान सैनिकों पर भारी पड़ रहे हैं। एक वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि कैसे यूक्रेनी ड्रोन रूसी सैनिकों पर हमला कर रहे हैं। जब रूसी सैनिक फायरिंग कर रहे थे, तब ड्रोन की फायरिंग का कोई मुकाबला नहीं था। अंततः, सभी रूसी सैनिकों को छिपने की कोशिश करते हुए यूक्रेनी ड्रोन ने मार गिराया। यूक्रेनी सैनिक न केवल ड्रोन के सटीक हमले कर रहे हैं, बल्कि वे रूसी ड्रोन को भी निशाना बना रहे हैं। एक यूक्रेनी सैनिक ने जर्मन मशीन गन से रूसी ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। यूक्रेन के पिछले चार वर्षों के संघर्ष में, ड्रोन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जैसा कि 16 अगस्त को मॉस्को पर हुए हमले में देखा गया, जो अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था। इस हमले में रूस में कम से कम सात लोगों की मौत हुई।