रूस के चुनाव परिणामों ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचाई
रूस के चुनावों का परिणाम और वैश्विक प्रभाव
रूस के स्टेट ड्यूमा चुनावों के परिणामों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बीच, रूस की जनता ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनकी पार्टी 'यूनाइटेड रशिया' पर फिर से भरोसा जताया है। 57.5% वोटों के साथ मिली इस जीत ने न केवल पुतिन की स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि रूसी जनता युद्ध के खिलाफ नहीं है। अब पुतिन के सामने वैश्विक और घरेलू चुनौतियों का सामना करने की जिम्मेदारी है, जिसने वाशिंगटन से लेकर ब्रसेल्स तक हलचल मचा दी है.
चुनाव की प्रक्रिया और परिणाम
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम परिणाम 25 सितंबर से पहले आने की उम्मीद नहीं है। यह चुनाव यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच हुआ, जिसमें 18 से 20 सितंबर तक मतदान हुआ। यह पहला संसदीय चुनाव है जो फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद आयोजित किया गया।
पुतिन ने इस चुनाव को देश की सेना और राजनीतिक समर्थन का संकेत बताया। मतदान से पहले उन्होंने कहा, "आपकी पसंद और दृढ़ संकल्प यह दिखाएगा कि लाखों लोग हमारे सैनिकों का समर्थन कर रहे हैं।"
चुनाव के दौरान क्रेमलिन के खिलाफ कोई खास विरोध नहीं था। पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट ने रूस की एकमात्र रजिस्टर्ड युद्ध-विरोधी पार्टी 'याब्लोको' को चुनाव में भाग लेने से रोक दिया था।
सैन्य गतिविधियों के बीच चुनाव
यह चुनाव रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों के दौरान हुआ। रविवार को, यूक्रेन ने मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्रों में 1,000 से अधिक ड्रोन भेजे। रूसी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और एक बड़ी तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य चुनाव में बाधा डालना था, हालांकि यूक्रेन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की। केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, कुल मतदान 56.66% रहा।
विदेशों में मतदान
विदेशों में रह रहे रूसी नागरिकों ने भी मतदान प्रक्रिया में भाग लिया। भारत में, रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने नई दिल्ली में मतदान किया, जहाँ रूसी नागरिकों के लिए मतदान की सुविधाएँ उपलब्ध थीं। भारत में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई और गोवा में पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे।
25 सितंबर तक नतीजों के फाइनल होने की उम्मीद है, जिसके बाद रूस की अगली स्टेट ड्यूमा की संरचना स्पष्ट हो जाएगी।