रूस में प्लेग से जुड़ी मौत की जांच जारी, WHO ने दी जानकारी
रूस की प्रयोगशाला में कर्मचारी की रहस्यमय मौत
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया है कि रूस की एक प्रयोगशाला में काम करने वाले एक युवा कर्मचारी की मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रारंभिक अनधिकृत रिपोर्टों के अनुसार, यह संभावना जताई गई है कि उसकी मृत्यु ‘न्यूमोनिक प्लेग’ के कारण हुई। यह बीमारी मध्य युग में फैली ‘ब्लैक डेथ’ महामारी से जुड़े ‘ब्यूबोनिक प्लेग’ की तुलना में कम गंभीर मानी जाती है।
‘न्यूमोनिक प्लेग’ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है और यह गंभीर निमोनिया का कारण बन सकता है। हालांकि, यदि समय पर इसका पता लगाया जाए और उचित उपचार मिले, तो मरीज के ठीक होने की संभावना अधिक होती है। डब्ल्यूएचओ ने इस महीने की शुरुआत में मामले के सामने आने के बाद ‘डिजीज आउटब्रेक न्यूज’ के तहत अपनी पहली विस्तृत रिपोर्ट में मामले की जांच जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। संगठन ने बताया कि रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 5,500 से अधिक नमूनों की जांच की है, लेकिन इनमें किसी खतरनाक रोगजनक की उपस्थिति का कोई सबूत नहीं मिला।
डब्ल्यूएचओ ने कहा, ‘‘स्थिति का सही आकलन करने के लिए चिकित्सकीय जांच, महामारी विज्ञान और प्रयोगशाला से संबंधित अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता है। इसके साथ ही, यह भी आवश्यक है कि यह पुष्टि हो सके कि प्रयोगशाला में काम करने वाले कर्मचारी की मौत किस बीमारी के कारण हुई थी।’’ संगठन ने एक अन्य संदिग्ध मामले का भी उल्लेख किया है। इससे पहले, डब्ल्यूएचओ ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को ईमेल के माध्यम से बताया था कि दूसरे मामले की जानकारी ब्रिटेन और सर्बिया के दो समाचार पत्रों से प्राप्त हुई थी।
इन समाचार पत्रों ने रूस से संबंधित कुछ खबरों का उल्लेख किया था, लेकिन उनके स्रोत स्पष्ट नहीं थे। रूस ने ऐसे किसी दूसरे मामले की पुष्टि से इनकार किया है।