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रेवाड़ी विधायक ने विधानसभा में उठाई क्षेत्र की प्रमुख मांगें

रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा के बजट सत्र में क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। उन्होंने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को नौकरी की सुरक्षा, कृषि सदन की स्थापना, और मीरपुर गांव में जलघर के निर्माण की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने धारुहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को एलिवेटेड बनाने और मीडिया सेंटर की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस संबोधन में विधायक ने रेवाड़ी की सैन्य धरोहरों को संजोने की बात भी की।
 

विधायक लक्ष्मण सिंह यादव का विधानसभा में जोरदार संबोधन

रेवाड़ी की बड़ी खबर: विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा के बजट सत्र के शून्य काल में रेवाड़ी क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण मांगों को उठाया। अपने भाषण में, उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की सराहना की। विधायक ने कहा कि जिस तरह से सरकार ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा दी है, उसी प्रकार इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU) में कार्यरत लगभग 1400 शिक्षकों को भी नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।


उन्होंने यह भी कहा कि रेवाड़ी में कृषि सदन की स्थापना की जाए, जैसा कि पहले घोषणा की गई थी। रेवाड़ी जिला सचिवालय छोटा होने के कारण कई कार्यालय बाहर स्थित हैं। कृषि सदन के निर्माण से कृषि से संबंधित सभी कार्य एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। विधायक ने यह भी बताया कि रेवाड़ी एक सैनिक बहुल क्षेत्र है और यहां का गौरवमयी सैनिक इतिहास है।


सैनिक सदन के निर्माण की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, इसलिए रेवाड़ी की सैन्य धरोहरों को संजोने के लिए जल्द से जल्द इसका निर्माण किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, रेवाड़ी के मीडिया जगत के लोगों के लिए बैठने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, इसलिए एक मीडिया सेंटर बनाने की भी मांग की गई है। नगर परिषद द्वारा एक विशाल ऑडिटोरियम का निर्माण भी आवश्यक है, जिसमें कम से कम एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था हो।


विधायक ने NH-48 पर स्थित धारुहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के बढ़ते क्षेत्र और जनसंख्या को देखते हुए इसे एलिवेटेड बनाकर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि मीरपुर गांव, जो प्राचीन है, वहां पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। गांव ने विश्वविद्यालय के लिए अपनी 100 एकड़ जमीन दी है, इसलिए गांव की पेयजल समस्या को देखते हुए चार एकड़ जमीन वापस लौटाई जाए, ताकि जलघर का निर्माण किया जा सके।


उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा पंचायत कंप्यूटर ऑपरेटर (सीपीएलओ) को नाममात्र का वेतन दिया जा रहा है, जबकि उनके पास कई कार्य होते हैं। इसलिए उनका वेतन बढ़ाकर समय पर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।