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लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय में हंगामा, नए नेतृत्व के कार्यक्रम में भिड़े समर्थक

लखनऊ में कांग्रेस के नए नेतृत्व के कार्यक्रम के दौरान समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिससे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। अजय राय और ममता चौधरी के बीच विवाद ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। अजय राय ने धरना दिया और राहुल गांधी से बातचीत के बाद ही वहां से गए। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं, खासकर 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले।
 

कांग्रेस कार्यालय में हंगामे की घटना


डिजिटल रिपोर्ट। लखनऊ में कांग्रेस के नए नेतृत्व के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान रविवार को भारी हंगामा हुआ। आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के कार्यभार ग्रहण के बीच, समर्थकों के बीच झड़प हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलाने तक पहुंच गया, जिसके बाद गालियों का भी आदान-प्रदान हुआ। यह घटनाक्रम लगभग आधे घंटे तक चला, जिससे कांग्रेस कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।


ममता चौधरी की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवाद की शुरुआत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के कार्यक्रम में पहुंचने पर हुई। कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी ने उन्हें देखकर कहा, 'तुम्हारी शक्ल नहीं देखनी, यहां से चले जाओ।' इस पर अजय राय ने जवाब दिया, 'औकात में रहो।' इसी बीच, उनके एक समर्थक ने जूता निकाल लिया और दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई।


हंगामा बढ़ने पर अजय राय ने पार्टी कार्यालय में धरना दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ बदसलूकी की गई। स्थिति को संभालने के लिए राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद मौके पर पहुंचे। प्रमोद तिवारी ने अजय राय को मनाने का प्रयास किया और उनके सामने हाथ जोड़े, जबकि इमरान मसूद ने भी उनसे बातचीत की।


प्रमोद तिवारी अजय राय को मनाने का प्रयास कर रहे थे, अजय ने कहा मुझे गाली दी गई


राहुल गांधी से बातचीत के बाद धरना समाप्त


धरने के दौरान अजय राय की राहुल गांधी से फोन पर बात हुई। इसके बाद उन्होंने धरना समाप्त किया और कार्यालय से चले गए। सूत्रों के अनुसार, अजय राय ने ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग की थी, लेकिन इस पर पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।


अजय राय और ममता चौधरी के बीच पहले से तनाव की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया है कि 2023 में दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद अजय राय ने ममता के पार्टी कार्यालय आने पर रोक लगाने की बात कही थी। ममता चौधरी लखनऊ के मालवीय नगर की पार्षद हैं और उन्हें आराधना मिश्रा मोना का करीबी माना जाता है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुपस्थिति


पदभार ग्रहण कार्यक्रम के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय राय शामिल नहीं हुए। इस बारे में पूछे जाने पर इमरान मसूद ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की परंपरा नहीं रही है और पार्टी कार्यालय में उनसे कार्यभार ले लिया गया है। इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है और वह इस जिम्मेदारी को निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने का आश्वासन दिया।


प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व में हुए बदलाव के बीच यह घटनाक्रम पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला है। नए नेतृत्व के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ अंदरूनी मतभेदों को संभालने की चुनौती भी रहेगी।


Supporters of Congress leader Ajay Rai and UP Congress president Aradhana Mishra Mona clashed at the party office in Lucknow. Blows were exchanged, shoes were hurled over allegations that Rai's supporters were abused. https://t.co/KIN1LFSzrd

— Piyush Rai (@Benarasiyaa) October 11, 2026