लखनऊ में पंचायत चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन
पंचायत चुनाव की मांग पर प्रदर्शन
सोमवार को लखनऊ में पंचायत अधिकार संघ के सदस्यों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निवास के बाहर पंचायत चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विभिन्न जिलों से आए ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य और अन्य प्रतिनिधि लगभग दो घंटे तक वहां उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने ‘गांव की सरकार नहीं तो विधानसभा की सरकार नहीं’ और ‘पंचायत चुनाव जल्द कराओ’ जैसे नारे लगाए। डिप्टी सीएम से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने हाथ जोड़कर चुनाव की तारीख की घोषणा करने की अपील की।
छह महीने के विस्तार का विरोध
पंचायत प्रतिनिधि आनंद कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद सरकार ने छह महीने का अतिरिक्त समय दिया, जो अब समाप्त होने वाला है। उनका कहना है कि इस अवधि के बाद बिना किसी देरी के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने चाहिए। उन्होंने संविधान के भाग-9 और अनुच्छेद 243-E व 243-K का उल्लेख करते हुए कहा कि पंचायतों के चुनाव समय पर होना आवश्यक है। उनके अनुसार, प्रदेश की ग्रामीण जनसंख्या और चुनाव में भाग लेने की तैयारी कर रहे लाखों लोग चुनाव की तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
आनंद कुमार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने लिखित आश्वासन नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार के खिलाफ एक अभियान चलाने की भी बात कही।
राजभर पर नाराजगी व्यक्त की गई
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंचायत चुनाव के संबंध में प्रतिनिधियों को केवल आश्वासन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनका संगठन 12 जून 2026 से विरोध प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन अभी तक चुनाव कार्यक्रम स्पष्ट नहीं हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की, यह कहते हुए कि वे उन्हें फालतू मंत्री मानते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री और सरकार को चुनाव की तारीख के बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द चुनाव की घोषणा नहीं की गई, तो उनका आंदोलन जारी रहेगा।