×

लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित

लोकसभा ने गुरुवार को महिलाओं के आरक्षण के लिए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित किया। इस विधेयक को पेश करने के लिए मत विभाजन की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें 251 सांसदों ने समर्थन दिया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसे सदन में पेश किया, जो विधायी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानें इस विधेयक के अन्य पहलुओं और मतदान प्रक्रिया के बारे में।
 

महिलाओं के आरक्षण के लिए महत्वपूर्ण विधेयक

गुरुवार को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश करने की स्वीकृति मिल गई। यह विधेयक महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन को लागू करने के उद्देश्य से लाया गया है। सदन में मत विभाजन के बाद इसे स्वीकृति दी गई।


विपक्ष की मांग पर वोटिंग की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें 251 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में और 185 ने इसके खिलाफ वोट दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने परिणाम की घोषणा करते हुए बताया कि आंकड़े परिवर्तन के अधीन हो सकते हैं।


केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक को सदन में पेश किया, जिसे विधायी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले सांसदों ने इस बिल को चर्चा के लिए पेश करने के पक्ष में मतदान किया था।


इस दौरान संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के साथ-साथ परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 भी लोकसभा में पेश किए गए।


आमतौर पर लोकसभा में प्रस्तावों को ध्वनि मत से पारित किया जाता है, लेकिन विवाद होने पर 'डिवीजन' यानी मत विभाजन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया में ऑटोमेटिक वोट रिकॉर्डर सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जिसमें सांसद 'हां', 'ना' या 'अनुपस्थित' के रूप में अपना वोट दर्ज करते हैं।


मत विभाजन के दौरान वोट स्लिप्स का भी इस्तेमाल किया गया। कुल 333 सांसदों ने मतदान किया और इस चरण में किसी ने भी मतदान से परहेज नहीं किया।


लोकसभा के महासचिव उत्पल सिंह ने सदन को वोटिंग प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई सदस्य अपना वोट बदलना चाहता है, तो वह स्लिप के माध्यम से ऐसा कर सकता है।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वोट तभी मान्य होगा, जब सदस्य पहली घंटी के बाद और दूसरी घंटी से पहले सही समय पर बटन दबाएंगे। सांसद अपने वोट को व्यक्तिगत परिणाम बोर्ड पर भी देख सकते हैं।


विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक को पेश किए जाने के दौरान मत विभाजन की मांग की थी।