लोजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अपनी रणनीति का किया आगाज़
लोजपा का सम्मेलन: एकजुटता और भविष्य की योजनाएं
लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अपनी दिशा निर्धारित करने में जुटी लोजपा ने भाजपा के समर्थन में रविवार को एक महत्वपूर्ण परीक्षण किया। पार्टी ने अपने संस्थापक स्वर्गीय राम विलास पासवान की 80वीं जयंती पर 'नव संकल्प सभा' का आयोजन किया, जिसमें कार्यकर्ताओं को एकजुट किया गया और अपनी ताकत का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर महाराजा लाखन पासी को याद करते हुए लोजपा ने लखनऊ और यूपी के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया।
लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने सम्मेलन में कहा कि उनके पिता के कई विचार उन्हें भावुक करते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। चिराग ने बताया कि राम विलास पासवान का यूपी से गहरा संबंध था और उनके सपनों को पूरा करने में अभी लंबा रास्ता तय करना है। उन्होंने एक ऐसे समाज के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया, जहां सभी को समान अवसर मिल सके।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए चिराग ने कहा कि यदि कांग्रेस बाबा साहेब के संविधान को दिखाती है, तो उन्हें उनकी एक प्रतिमा भी स्थापित नहीं कर पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों ने बाबा साहेब को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने पिछड़े वर्गों और ऊंची जातियों के गरीबों के लिए आरक्षण की मांग की।
उत्तर प्रदेश प्रभारी और जमुई के सांसद अरुण भारती ने 'यूपी में है टोपी लाल, दलितों के हक को करे हलाल' जैसे नारे भी लगवाए। उन्होंने केवल वोट देने की बात नहीं की, बल्कि वोट लेने की भी बात की और सभी समाजों को एकजुट करने का आह्वान किया।