वाराणसी में अहिल्याबाई की मूर्ति विवाद: सीएम योगी का कांग्रेस पर आरोप
मूर्ति टूटने का विवाद
वाराणसी में अहिल्याबाई की मूर्ति के टूटने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर न केवल उत्तर प्रदेश में, बल्कि मध्य प्रदेश में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि मूर्ति टूटने की तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से बनाई गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य के चलते रानी अहिल्याबाई की मूर्ति को हटाया गया है और इसे सुरक्षित रखा गया है।
इस बीच, मणिकर्णिका घाट पर चल रहे कार्य को रोक दिया गया है। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के आसपास सौंदर्यीकरण के लिए निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें कई पुरानी मूर्तियों और मंदिरों को तोड़ने की बात सामने आई है। इस पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, 'रानी की मूर्ति सुरक्षित है। कांग्रेस ने एआई से मूर्ति टूटने का वीडियो तैयार किया है। यह काशी को बदनाम करने की साजिश है, इसलिए मुझे यहां आना पड़ा। इस साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा, 'मंदिर तोड़े जाने का आरोप पूरी तरह से झूठ है। अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को सुरक्षित रखा गया है। जब जीर्णोद्धार का कार्य पूरा होगा, तब प्रतिमा नई रूप में दिखाई देगी। कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है, यह एक अपराध है।' उल्लेखनीय है कि 10 जनवरी को इंदौर के होल्कर ट्रस्ट ने दावा किया था कि मणिकर्णिका घाट पर देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़ दी गई है और कई धार्मिक प्रतीकों को भी नुकसान पहुंचा है।