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विंग कमांडर व्योमिका सिंह: भारतीय वायुसेना की प्रेरणादायक कहानी

विंग कमांडर व्योमिका सिंह, हरियाणा के भिवानी जिले की बहू, ने भारतीय वायुसेना में अपनी कर्तव्यनिष्ठा और उपलब्धियों से एक मिसाल कायम की है। 2,500 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव के साथ, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके जीवन की कहानी न केवल उनकी मेहनत को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रेरणा देती है कि कैसे महिलाएं रक्षा सेवाओं में अपनी पहचान बना सकती हैं। जानें उनके संघर्ष और सफलता की कहानी।
 

विंग कमांडर व्योमिका सिंह का परिचय

विंग कमांडर व्योमिका सिंह: हरियाणा के भिवानी जिले के बापोड़ा गांव की बहू और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और उपलब्धियों से देशभर में मिसाल कायम की है। ऑपरेशन सिंदूर की आधिकारिक प्रेस वार्ता में देश को सैन्य कार्रवाई का ब्यौरा देने वाली व्योमिका के नाम 2,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव दर्ज है।


व्योमिका सिंह की पृष्ठभूमि

व्योमिका सिंह कौन हैं: हरियाणा के भिवानी स्थित ऐतिहासिक बापोड़ा गांव की बहू और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह देश की रक्षा पंक्ति में सशक्त भूमिका निभा रही हैं। मई 2025 में सीमा पार आतंकी ठिकानों पर चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की संयुक्त सैन्य ब्रीफिंग में उन्होंने देश के सामने ऑपरेशनल विवरण रखा था। उनके पति दिनेश सिंह सभ्रवाल भी भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के रूप में सेवा दे रहे हैं।


बचपन से उड़ान का सपना

लखनऊ की मूल निवासी व्योमिका सिंह के पिता आरएस निम हैं। छठी कक्षा में जब उन्हें ज्ञात हुआ कि 'व्योम' का अर्थ आकाश होता है, तभी से उन्होंने आसमान नापने की ठान ली थी।


कठिनाइयों का सामना

व्योमिका सिंह ने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के जटिल पहाड़ी क्षेत्रों में चेतक और चीता हेलीकॉप्टर उड़ाते हुए सेवाएं दी हैं। वर्ष 2017 में विंग कमांडर बनीं और 2019 में फ्लाइंग ब्रांच में स्थायी कमीशन प्राप्त किया।


ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्रीय पहचान

मई 2025 में पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकी ठिकानों पर हुई भारतीय सैन्य कार्रवाई के बाद आयोजित आधिकारिक संयुक्त प्रेस वार्ता में व्योमिका सिंह प्रमुख चेहरे के तौर पर सामने आईं।


बापोड़ा गांव का गौरव

लगभग 20 हजार की आबादी वाले बापोड़ा गांव से दो हजार से अधिक सेवारत व पूर्व सैनिक आते हैं। पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का संबंध भी इसी गांव से है।