विजय की चुनावी रैली सुरक्षा कारणों से रद्द, राजनीतिक हलकों में चर्चा
विजय की रैली रद्द होने का कारण
अभिनेता से नेता बने विजय ने शनिवार को कुड्डालोर जिले में आयोजित होने वाली अपनी चुनावी रैली को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया। यह रैली दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली थी और पूरे दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार कार्यक्रम निर्धारित था।
पुनः स्थगित रैली
इस रैली को पहले भी एक बार स्थगित किया जा चुका था। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब तमिलनाडु में सभी राजनीतिक दल अपने चुनाव प्रचार को तेज कर रहे हैं और नेता मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
विजय का चुनावी अभियान
टीवीके प्रमुख विजय इस बार अपना पहला चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने हाल के दिनों में राज्य के कई जिलों में प्रचार किया है। उनका अभियान पेरम्बूर (चेन्नई) से शुरू हुआ और इसके बाद तिरुचिरापल्ली, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, और कराईकुडी में जनसभाएं आयोजित की गईं।
रैलियों में भीड़ और प्रचार
उनकी रैलियों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे उनके अभियान को अधिक मीडिया कवरेज मिल रहा है। विजय पूरे राज्य में तेजी से प्रचार करते हुए अपनी पार्टी के 'व्हिसल' चुनाव चिन्ह के लिए वोट मांग रहे हैं।
रैली की अनुमति और शर्तें
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, कुड्डालोर जिले में चार स्थानों (कुड्डालोर, वडालूर, सेथियाथोप और तित्ताकुडी) पर रैली की अनुमति मांगी गई थी। पुलिस ने कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी थी, लेकिन बाद में कार्यक्रम को अचानक रद्द कर दिया गया। विजय ने फिर से शनिवार के लिए अनुमति मांगी।
सुरक्षा चिंताएं
पुलिस ने इस बार 21 शर्तों के साथ रैली की अनुमति दी थी। कार्यक्रम के अनुसार, रैली कुड्डालोर से शुरू होकर वडालूर, सेथियाथोप और तित्ताकुडी होते हुए रात 9 बजे तक समाप्त होनी थी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
सूत्रों के अनुसार, यह रैली पहले 9 अप्रैल को होनी थी, लेकिन पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के कारण इसे टाल दिया गया था। अब इसे पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में दक्षिणी जिलों में विजय के दौरे के दौरान कुछ छोटे वाहन हादसे हुए थे। कुड्डालोर, चेन्नई से लगभग 175 किलोमीटर दूर है, और लंबी सड़क यात्रा के कारण सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई थीं।
आगे की रणनीति
इस निर्णय पर राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ इसे तैयारी की कमी मानते हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। अब विजय की आगे की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।