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विजय माल्या ने 'भगोड़ा' कहे जाने पर जताया विरोध, कानूनी रोक का किया दावा

ब्रिटेन में रह रहे विजय माल्या ने खुद को 'भगोड़ा' कहे जाने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें कानूनी रूप से यूनाइटेड किंगडम छोड़ने से रोका गया है। माल्या ने भारत सरकार पर गंभीर अन्याय का आरोप लगाया और कहा कि उनकी कानूनी समस्याएं भारत सरकार की कार्रवाई से शुरू हुईं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और माल्या के दावों के बारे में।
 

विजय माल्या का बयान

ब्रिटेन में लंबे समय से निवास कर रहे भगोड़े शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक विजय माल्या ने एक बार फिर से खुद को 'भगोड़ा' कहे जाने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर कई पोस्ट साझा करते हुए उन आरोपों को खारिज किया कि वह जानबूझकर भारत लौटने से मना कर रहे हैं। माल्या का कहना है कि उन्हें कानूनी रूप से यूनाइटेड किंगडम (UK) छोड़ने से रोका गया है। इसके साथ ही, उन्होंने भारत सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों पर उनके साथ 'गंभीर अन्याय' करने का आरोप लगाया।


भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत नाम

विजय माल्या उन 15 हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों में शामिल हैं, जिन्हें 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018' के तहत आधिकारिक रूप से 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित किया गया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में इस सूची का उल्लेख किया, जिसमें माल्या और नीरव मोदी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।


कानूनी रोक का दावा

माल्या ने कहा, "जो लोग मुझे भगोड़ा कहते हैं और भारत आने से मना करने का आरोप लगाते हैं, उन्हें जानना चाहिए कि मैं 1992 से यूनाइटेड किंगडम का स्थायी निवासी हूं और वर्तमान में कानूनी रूप से इस देश को छोड़ने से रोका गया हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कानूनी समस्याएं भारत सरकार की 'पोस्टर बॉय वाली कार्रवाई' से शुरू हुईं, जो उनके अनुसार अनुचित थी।


बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश

इस साल फरवरी में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने माल्या को फटकार लगाते हुए कहा कि वह जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचते हुए उचित राहत की मांग नहीं कर सकते। कोर्ट ने उन्हें यह स्पष्ट करने का अंतिम मौका दिया कि क्या वह भारत लौटना चाहते हैं। माल्या की याचिका में 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम' के प्रावधानों और उन्हें 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित किए जाने को चुनौती दी गई है।


भारतीय सरकार की प्रतिबद्धता

पिछले साल दिसंबर में, विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि भारत में वांछित भगोड़े देश लौटें और अदालतों में मुकदमे का सामना करें। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि जो लोग भगोड़े हैं और भारत में कानून द्वारा वांछित हैं, वे देश लौटें।"