विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक: क्या हो रहा है आगे?
दिल्ली में हुई 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक
विपक्षी दलों के गठबंधन, जिसे 'इंडिया' ब्लॉक कहा जाता है, की एक महत्वपूर्ण बैठक आठ जून को दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाग लिया, जो हाल ही में चुनाव हारने के बाद विपक्ष की एकता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल इस बैठक में उपस्थित नहीं थे।
डीएमके, जो तमिलनाडु में चुनाव हारने के बाद सत्ता से बाहर हो गई है, ने भी इस बैठक का बहिष्कार किया। डीएमके का मानना है कि कांग्रेस ने चुनाव परिणामों के बाद उनका साथ छोड़ दिया, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ गई। बैठक में यह तय किया गया कि हर दो महीने में 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक होगी, और अगली बैठक हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
बैठक के बाद की स्थिति
हालांकि, अगस्त के पहले हफ्ते में हैदराबाद में होने वाली बैठक अब तक नहीं हुई है, और विपक्ष की ओर से कोई पहल नहीं दिखाई दे रही है। जानकारों का कहना है कि 2024 के चुनाव के बाद से विपक्षी दलों ने 'इंडिया' ब्लॉक को भुला दिया है।
चार जून 2024 को लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद विपक्ष की एक औपचारिक बैठक हुई थी, लेकिन उसके बाद से अब तक कोई महत्वपूर्ण बैठक नहीं हुई है। यह सवाल उठता है कि जो गठबंधन इतनी धूमधाम से बना था, उसे बनाए रखने के लिए गंभीर प्रयास क्यों नहीं किए जा रहे हैं।
गठबंधन की पार्टियों के बीच अंदरखाने खींचतान चल रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गठबंधन बिखर रहा है। डीएमके और आम आदमी पार्टी ने 'इंडिया' ब्लॉक से दूरी बना ली है। हालांकि, कांग्रेस और आप के बीच गोवा में तालमेल की चर्चा चल रही है, लेकिन कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इससे पंजाब के चुनाव में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कांग्रेस की स्थिति
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि गठबंधन में कोई प्रादेशिक नेता पहल नहीं कर रहा है, क्योंकि उन्हें लगता है कि 2024 के चुनाव में कांग्रेस की सीटें बढ़ने के बाद वह विपक्ष की गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर आ जाएगी। लेकिन राहुल गांधी का मानना है कि उन्हें अकेले भाजपा का सामना करना चाहिए, जिससे अन्य दलों को क्रेडिट देने का कोई मतलब नहीं है।
इस कारण से तालमेल बनाने में कठिनाई हो रही है। यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने पहले से ही यह सुनिश्चित किया है कि विपक्षी गठबंधन का कोई औपचारिक ढांचा न बने, जिसके चलते इसका कोई सचिवालय भी नहीं बन पाया है।