वेदांता समूह पर ईडी की छापेमारी: फेमा उल्लंघन की जांच जारी
ईडी का तलाशी अभियान
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को वेदांता समूह के खिलाफ एक तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान, एजेंसी ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कारोबारी अनिल अग्रवाल के समूह पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के आरोपों के तहत की गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह तलाशी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के उल्लंघन की जांच का हिस्सा है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी कि मंगलवार को दिल्ली और मुंबई में वेदांता समूह से जुड़े दो स्थानों पर तलाशी ली गई।
दिल्ली और मुंबई में छापेमारी का विवरण
जांच एजेंसी ने फेमा के तहत जांचे जा रहे लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि ईडी की टीमों ने दिल्ली और मुंबई में एक-एक स्थान पर तलाशी ली। यह अभियान सोमवार को शुरू हुआ था और अब समाप्त हो चुका है।
भुगतान की जांच
अधिकारी इन भुगतानों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और समझौतों की समीक्षा कर रहे हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ये लेन-देन विदेशी मुद्रा नियमों के अनुरूप थे। वेदांता के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और मांगी गई सभी जानकारी प्रदान कर रहे हैं। कंपनी सभी लागू कानूनों और विनियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
तलाशी अभियान का समापन
सूत्रों के अनुसार, यह अभियान अब समाप्त हो चुका है और अधिकारी एकत्र किए गए दस्तावेजों और रिकॉर्ड का विश्लेषण करेंगे। एकत्र की गई सामग्री की जांच पूरी होने के बाद आगे की जानकारी का इंतजार है। ईडी ने अभी तक तलाशी पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
वेदांता का हालिया मामला
इस बीच, वेदांता लिमिटेड ने पिछले महीने शेयर बाजारों को सूचित किया था कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उसकी सहायक कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के खिलाफ बिजली उपलब्धता की गलत घोषणा से संबंधित एक मामले में फैसला सुनाया था, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 127 करोड़ रुपये का जुर्माना और विलंबित भुगतान अधिभार देना पड़ा था।
फेमा के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया
ईडी तब कार्रवाई करता है जब उसे किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा विदेशी मुद्रा से जुड़े लेन-देन में उल्लंघन का संदेह होता है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से अवैध रूप से विदेश में धन हस्तांतरण, विदेश में अवैध संपत्ति अर्जित करने, या विदेशी निवेश से संबंधित नियमों का पालन न करने के मामलों में की जाती है।
वेदांता समूह का परिचय
वेदांता समूह भारत का एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन और खनन समूह है, जिसकी स्थापना 1976 में हुई थी। यह धातु, खनिज, ऊर्जा और तेल-गैस क्षेत्रों में कार्यरत है। समूह का मुख्य व्यवसाय खनन और प्राकृतिक संसाधनों का उत्पादन है। वेदांता जस्ता, एल्युमीनियम, तांबा, लौह अयस्क, इस्पात, तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।