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शशि थरूर ने ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय साझा की

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ईरान में चल रहे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने हाल के संकेतों को सकारात्मक बताया, जबकि ईरान में संचार सेवाओं की स्थिति को चिंताजनक बताया। थरूर ने ईरानी सरकार द्वारा फांसी की सजाओं को रद्द करने और अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकने के निर्णयों को उम्मीद जगाने वाले बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति की सटीक जानकारी नहीं मिल रही है। जानें ईरान में प्रदर्शन की गति में कमी और भविष्य की अनिश्चितता के बारे में।
 

ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर शशि थरूर की टिप्पणी


कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने ईरान में चल रहे बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बारे में अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संकेत बताते हैं कि वहां तनाव में कमी आ सकती है, लेकिन सही स्थिति का आकलन करना कठिन है क्योंकि देश में लंबे समय से संचार सेवाएं लगभग ठप हैं।


ईरानी सरकार की फांसी की सजा पर बदलाव

थरूर ने बताया कि कुछ रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सरकार ने पहले घोषित 800 से अधिक फांसी की सजाओं को रद्द कर दिया है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी ईरान पर सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोकने की बात कही है। थरूर के अनुसार, ये घटनाएं सकारात्मक संकेत हैं।


तनाव में कमी की संभावना

उन्होंने कहा, "कुछ मायनों में यह एक अच्छा संकेत है कि तनाव कम हो सकता है। मेरी आंतरिक भावना कहती है कि शायद हम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान से पूरी और विश्वसनीय जानकारी नहीं मिल रही है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।


विरोध प्रदर्शनों में जानमाल का नुकसान

यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले साल दिसंबर से शुरू हुए ईरान के विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत की खबरें आई हैं। नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन के अनुसार, अब तक कम से कम 3,400 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में यह आंकड़ा 5,000 से 20,000 के बीच बताया गया है।


प्रदर्शनों की गति में कमी

हाल के दिनों में प्रदर्शन की गति धीमी पड़ गई है और नए वीडियो या तस्वीरें भी कम आ रही हैं। इसका एक बड़ा कारण देश में लगभग पूरी तरह से इंटरनेट का बंद होना बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में 180 घंटे से अधिक समय तक इंटरनेट बंद रहा, जो पहले के आंदोलनों की तुलना में अधिक है।


भविष्य की अनिश्चितता

हालांकि, स्थिति शांत दिखने के बावजूद अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने बड़े और संगठित विरोध प्रदर्शनों की अपील की है। शशि थरूर का मानना है कि खाड़ी देशों सहित पूरी दुनिया इस स्थिति पर नजर रखे हुए है, क्योंकि किसी भी बड़े टकराव का प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है।