शशि थरूर ने कांग्रेस की रणनीति पर चर्चा की, अमेरिका के चुनावों से मिली प्रेरणा
कांग्रेस नेता शशि थरूर का बयान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने हाल ही में कहा कि उनकी पार्टी अन्य देशों में सत्ताधारी दक्षिणपंथी और लोकलुभावन नेताओं को मिल रहे राजनीतिक झटकों से सीख ले सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों को भारत में चुनाव जीतने का सीधा उपाय नहीं माना जा सकता।
अमेरिकी चुनावों का प्रभाव
CNN-News18 के साथ बातचीत में थरूर से पूछा गया कि क्या अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके से कांग्रेस 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को चुनौती देने की योजना बना सकती है। उन्होंने उत्तर में कहा कि समझदार लोग हमेशा अन्य देशों के उदाहरणों और समान परिस्थितियों का अध्ययन करते हैं, ताकि अपने तर्कों को मजबूत बना सकें। लेकिन, हर देश की राजनीतिक स्थिति अलग होती है।
सत्ता विरोधी लहर की उम्मीद
थरूर ने यह भी कहा कि कांग्रेस को उम्मीद है कि सत्ता विरोधी लहर बीजेपी के खिलाफ भी प्रभावी हो सकती है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को भी इसी तरह की राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर थरूर की राय
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने भारत-अमेरिका संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि चुनावी परिणामों के बावजूद ट्रंप के पास विदेश नीति से संबंधित निर्णय लेने की काफी स्वतंत्रता होगी। ऐसे में भारत को उनके साथ संवाद और कूटनीतिक समझौतों को जारी रखना होगा।
डेमोक्रेट्स की जीत
3 नवंबर को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत प्राप्त किया। इससे रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण समाप्त हो गया है। अब ट्रंप प्रशासन के निर्णयों की जांच और उन पर राजनीतिक निगरानी बढ़ने की संभावना है।