शहजाद पूनावाला ने भाजपा से लिया इस्तीफा: क्या है उनके अगले कदम?
नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल
नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में जाने जाने वाले शहजाद पूनावाला ने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपना इस्तीफा भाजपा के उच्च नेतृत्व को सौंप दिया है। इस्तीफे की जानकारी के साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बायो को भी अपडेट किया, जिसमें अब भाजपा का कोई उल्लेख नहीं है। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से लिया है, लेकिन न तो पार्टी और न ही पूनावाला की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
बायो में पीएम मोदी का उल्लेख
पूनावाला ने अपने नए बायो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख बनाए रखा है और खुद को उनका आजीवन अनुयायी बताया है। उनके एक्स बायो में वे खुद को धर्म से मुस्लिम, संस्कृति से हिंदू विचारधारा से जुड़ा और भारतीय बताते हुए जीएसटी पर लिखी अपनी किताब का भी जिक्र करते हैं, साथ ही पीएम मोदी के प्रति अपनी निष्ठा को दर्शाते हैं।
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— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) July 30, 2026
कांग्रेस से भाजपा तक का सफर
शहजाद पूनावाला पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे। 2017 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। कांग्रेस छोड़ते समय उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे केवल औपचारिकता करार दिया था। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें जल्दी ही पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई। तब से वे टीवी बहसों और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाले चेहरों में से एक रहे हैं।
पॉडकास्ट में पहले ही दिए थे संकेत
दिलचस्प बात यह है कि पूनावाला ने अपने इस फैसले के संकेत पहले ही एक पॉडकास्ट में दिए थे, जिसके कुछ अंश उन्होंने खुद एक्स पर साझा किए थे। इस बातचीत में उन्होंने कहा था कि 2024 के आम चुनावों को वे अपनी सक्रिय राजनीति का अंतिम पड़ाव मान चुके थे, क्योंकि तब तक उन्हें सक्रिय राजनीति में लगभग 18-19 साल हो चुके होंगे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2006 में एनएसयूआई से की थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पीएम मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर उनके चेहरे पर दिखे भावों ने उन्हें रुकने पर मजबूर कर दिया। अब जब उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।