शिक्षा मंत्रालय में उठापटक: छात्रों की चिंताओं के बीच नई नियुक्तियाँ
शिक्षा मंत्रालय में बदलाव और छात्रों की समस्याएँ
केंद्र सरकार पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के मामलों से जूझ रही है। छात्रों और जनता के दबाव के चलते, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद, सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार प्रह्लाद जोशी को सौंपा, जो पहले से दो अन्य मंत्रालयों का प्रभार संभाल रहे हैं।
इससे पहले, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाकर पंचायती राज का सचिव बनाया गया। हालांकि, यह कोई दंड नहीं था, क्योंकि उन्हें एक नई जिम्मेदारी दी गई थी। उनके स्थान पर नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया, लेकिन वे पद ग्रहण नहीं कर सके।
विनीत जोशी ने अपना पद नहीं छोड़ा क्योंकि उनके स्थान पर आने वाले विवेक भारद्वाज 31 जुलाई को रिटायर होने वाले थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस कारण गंगवार को बिना ज्वाइन किए ही विदा होना पड़ा। अब अर्चना गौर मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया है। इस सब के बीच, छात्रों की समस्याओं का समाधान करने में सरकार की लापरवाही साफ नजर आ रही है।