शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को बर्खास्त करने की मांग की
मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुख्यमंत्री भगवंत मान को उनके पद से हटाने की मांग की।
पार्टी ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा देने और उनकी पत्नी को प्रथम श्रेणी की राजपत्रित नौकरी देने की भी अपील की।
शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें नशा तस्करी को संरक्षण देने और नशा कारोबारियों को हथियार लाइसेंस जारी करने के आरोपों का सामना कर रहे मंत्रियों, विधायकों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने झोटा की हत्या की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से चल रही जांच में दिरबा के तूर बनजारा निवासी गुलजार सिंह की मौत के मामले और श्री हरगोबिंदपुर साहिब के बिक्रमजीत सिंह की हत्या को भी शामिल करने की मांग की।
शिअद के अनुसार, गुलजार सिंह ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम लिया था, जबकि बिक्रमजीत सिंह की हत्या नशा माफिया का विरोध करने के कारण की गई थी।
श्री बादल ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा कारोबार के पीछे राजनीतिक नेताओं और पुलिस के बीच गठजोड़ है और इसे शीर्ष स्तर से संरक्षण मिल रहा है।
उन्होंने झोटा के पिता भीम सिंह के पुलिस को दिए बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक पर भी आरोप लगाए थे। ये आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हैं।
श्री बादल ने कहा कि झोटा की पत्नी शिक्षिका हैं और उन्हें प्रथम श्रेणी की राजपत्रित नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार ने व्यक्तिगत लाभ की मांग नहीं की, लेकिन राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उसकी मदद करे।
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में श्री बादल ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने नशा तस्करों की जमानत रोकने और उनकी पूरी संपत्ति जब्त करने संबंधी नए कानून को लागू नहीं किया है।
उन्होंने दावा किया कि देश में नारको-समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की 48 बैठकें होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने ऐसी किसी बैठक में भाग नहीं लिया और न ही पंजाब में बैठक बुलाई।
श्री बादल ने मुख्यमंत्री की पेरिस यात्रा पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह झोटा की हत्या के बाद राज्य में पैदा हुई स्थिति से निपटने के बजाय अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाने विदेश चले गए।
उन्होंने मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की और दावा किया कि हाल की पेरिस यात्रा से वह एक करोड़ रुपये के विलासिता के सामान, जिसमें दस लाख रुपये का महिलाओं का बैग भी शामिल है, लेकर लौटे।
प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अकाली नेता बलविंदर सिंह भुंदर, डॉ दलजीत सिंह चीमा और परमबंस सिंह बंटी रोमाणा भी शामिल थे।
श्री बादल ने कहा कि अकाली दल एक क्षेत्रीय पार्टी है और पंजाब उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने या न आने के बावजूद पार्टी पंजाब के हितों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को अकाली दल का राजनीतिक विरोधी बताते हुए कहा कि पार्टी उन दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है जो उसकी विचारधारा और सिद्धांतों का सम्मान करते हों।