शिवपाल यादव का बड़ा बयान: आजम खान को 2027 में बन सकता है गृहमंत्री
उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल
उत्तर प्रदेश। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति में एक बयान ने हलचल मचा दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने कहा है कि यदि 2027 में उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो जेल में बंद पूर्व मंत्री आजम खान को गृहमंत्री बनाया जाएगा।
शिवपाल यादव ने बुधवार को रामपुर जिला जेल में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए आजम खान के साथ हो रहे कथित अन्याय का मुद्दा उठाया। शिवपाल ने आरोप लगाया कि आजम खान को जेल में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें जमीन पर सोने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके अलावा, दवाइयों और कपड़ों की कमी की भी शिकायत की गई। हालांकि, ये सभी दावे शिवपाल यादव के हैं।
मुलाकात के बाद शिवपाल ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी 2027 में सत्ता में आती है, तो आजम खान के साथ हुए अन्याय के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य 2027 में सरकार बनाना है। उनके अनुसार, आजम खान ने जेल से पार्टी नेताओं के लिए संदेश भी भेजा है, जिसमें उन्होंने सपा नेताओं से पूरे उत्तर प्रदेश का दौरा करने और पार्टी को मजबूत करने की अपील की है। इसके साथ ही, अखिलेश यादव से भी पूरे प्रदेश का दौरा करने का आग्रह किया गया है।
इस बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया भी आई है। बीजेपी नेता दिनेश प्रताप सिंह ने शिवपाल और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों केवल सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजम खान को पहले अपने खिलाफ चल रहे मामलों का सामना करना होगा, उसके बाद ही किसी राजनीतिक पद के बारे में सोचा जा सकता है। आजम खान कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में हैं। मई 2026 में एक MP-MLA कोर्ट ने अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में उनकी सजा को सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया था। अदालत ने जुर्माने की राशि भी बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी थी। अब शिवपाल यादव का यह बयान यूपी की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है। सवाल यह है कि क्या आजम खान को 2027 में सपा सरकार बनने पर वास्तव में गृहमंत्री की जिम्मेदारी दी जाएगी, या यह केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है? फिलहाल, यह स्पष्ट है कि आजम खान का मुद्दा एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।