संजय निषाद ने राम मंदिर चंदे के आरोपों पर अखिलेश यादव को किया जवाब
संजय निषाद का बयान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है।
संजय निषाद ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि विपक्ष के पास केवल पोस्टर और बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं है। किसी भी मुद्दे को उठाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उस पर बयान देना चाहिए, लेकिन बिना जांच के किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जब भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में कोई मामला आता है, उसकी जांच कराई जाती है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। जब तक जांच की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक अखिलेश यादव के आरोप निराधार हैं।
संजय निषाद ने आगे कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी की कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है, जिसके कारण वे सत्ता से दूर हैं। उन्होंने बताया कि समाजवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना आवश्यक है।
‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक पर संजय निषाद ने कहा कि सभी पार्टियां कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ बनी हैं। बैठक में दल तो दिखते हैं, लेकिन अंदर से सभी एक-दूसरे के दुश्मन हैं। यही कारण है कि चुनाव में वे अलग-अलग लड़ते हैं।
उन्होंने बताया कि 10 जून को एनडीए की बैठक होने वाली है। 25 वर्षों से एनडीए का गठबंधन बना हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान हम सभी दिल्ली जा रहे हैं।
संजय निषाद ने कहा कि पीएम मोदी ने राम मंदिर का निर्माण कराया, निषादराज किला बनवाया, अनुच्छेद 370 को समाप्त किया, और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था की।
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार ने अभ्यर्थियों को यात्रा में छूट दी है, जो एक बड़ा कदम है।
इसके अलावा, उन्होंने वाराणसी में मीट की दुकानों को स्थानांतरित करने के निर्णय का समर्थन किया और कहा कि यह एक सही कदम है।