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संजय राउत का दावा: बीजेपी ने सांसदों को खरीदा

उद्धव ठाकरे की पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके सांसदों को खरीदने का प्रयास किया है। राउत ने एक सांसद की कीमत 15 करोड़ रुपये बताई है, जबकि चार साल पहले यह आंकड़ा 50 करोड़ रुपये था। इस बीच, कुछ सांसदों के पाला बदलने की खबरें भी आ रही हैं। राउत ने भविष्य की राजनीति के संकेत देते हुए कहा कि जब उनका समय आएगा, तो वे भी दिखाएंगे कि पार्टी कैसे तोड़ी जाती है। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई और राजनीति के नए संकेत।
 

सांसदों की खरीद-फरोख्त का आरोप


उद्धव ठाकरे की पार्टी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके सांसदों को खरीदने का प्रयास किया है। उन्होंने एक सांसद की कीमत 15 करोड़ रुपये बताई है। हालांकि, इस दावे की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती। यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि कोई भी यह मानने को तैयार नहीं है कि सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त पशुओं की तरह की जा सकती है। लेकिन राउत के अनुसार, उन्होंने अपने सांसदों की कीमत को कम करके आंका है। चार साल पहले जब शिवसेना टूटी थी, तब एक विधायक की कीमत 50 करोड़ रुपये बताई गई थी। इस प्रकार, महाराष्ट्र में नई सरकार बनाने के लिए विधायकों की कीमत अधिक थी, जबकि दिल्ली में सांसदों की कीमत कम बताई जा रही है।


सांसदों का पाला बदलना

उद्धव ठाकरे की पार्टी के छह से सात सांसदों के पाला बदलने की खबरें आ रही हैं। हाल ही में, ठाकरे ने मातोश्री में एक बैठक बुलाई थी जिसमें पांच सांसद शामिल हुए थे। कुछ सांसदों के ऑनलाइन जुड़ने की भी जानकारी मिली थी। लेकिन बैठक के दो दिन बाद ही सांसदों के फोन स्विच ऑफ हो गए और वे गायब हो गए। इसके बाद, सांसद दिल्ली पहुंचे और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उनके साथ थे। शिंदे बागी सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल करना चाहते हैं। इस बीच, संजय राउत ने सांसदों की कीमत के अलावा भविष्य की राजनीति के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारा समय आएगा, तो हम भी दिखाएंगे कि पार्टी कैसे तोड़ी जाती है। इस प्रकार, यह स्पष्ट होता है कि अब भारत का लोकतंत्र पार्टियों को तोड़ने के तंत्र में बदल रहा है।