संजय सिंह का राम मंदिर चढ़ावे चोरी पर बड़ा हमला, योगी सरकार पर उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावे चोरी पर सख्त कार्रवाई की मांग
लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। इस घटना को लेकर विपक्षी नेता बीजेपी सरकार को घेरने में लगे हुए हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी भ्रष्टाचारियों को बचाने की जितनी भी कोशिश करें, देश के लाखों राम भक्त उन्हें सजा दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जिसके पास सबूत हैं, वह SIT के पास जाए। क्या आपको योगी जी का यह डायलॉग याद है? मैंने प्रभु श्रीराम के नाम पर खरीदी गई जमीनों में हुए सैकड़ों करोड़ के भ्रष्टाचार से संबंधित 13 दस्तावेज SIT को सौंपे हैं, जिसमें मोदी का चंदा चंपत सीधे फंस रहा था। लेकिन अब खबर आई है कि SIT जमीन और निर्माण घोटाले की जांच नहीं करेगी। क्या आप डर गए हैं, योगी जी?"
“किसी को बख्शा नहीं जाएगा जिसके पास सबूत हो SIT के पास जाय”
क्या आप लोगों को योगी जी का ये डायलॉग याद है?
मैंने प्रभु श्रीराम के नाम पर ख़रीदी गई जमीनों में हुए सैकड़ों करोड़ के भ्रष्टाचार से संबंधित 13 दस्तावेज SIT को दिया,जिसमें मोदी का चंदा चंपत सीधे फँस रहा था।
लेकिन अख़बार… pic.twitter.com/WSmmJ5YEjG— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) July 12, 2026
उन्होंने आगे कहा, "मैं पहले ही कह चुका था कि मोदी द्वारा बनाए गए ट्रस्ट की जांच योगी नहीं कर सकते। मेरे पास जमीन घोटाले से संबंधित 26 दस्तावेज हैं, जिनके साथ मैं कोर्ट जाऊंगा। मोदी और योगी भ्रष्टाचारियों को बचाने की जितनी भी कोशिश करें, देश के करोड़ों राम भक्त उन्हें सजा दिलाने के लिए तैयार हैं।"
संजय सिंह ने यह भी कहा कि यदि जमीनों की जांच की जाती है, तो चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राय और पूर्व मेयर सभी को जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण की जांच में पीएम मोदी के करीबी नृपेंद्र मिश्रा का नाम भी सामने आ सकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह ट्रस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित किया गया है, जिसमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय जैसे लोग शामिल हैं। ऐसे में उनके द्वारा बनाए गए ट्रस्ट की जांच कोई नहीं कर सकता।