×

संजय सिंह ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की निंदा की, कहा- युवा शक्ति भाजपा को उखाड़ फेंकेगी

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सत्ता के अहंकार में अंधे हो गए हैं और युवाओं के भविष्य की परवाह नहीं कर रहे हैं। वांगचुक का अनशन 21 दिनों से चल रहा था, लेकिन सरकार ने कोई संवाद नहीं किया। सिंह ने चेतावनी दी कि युवा शक्ति भाजपा की सत्ता को उखाड़ फेंकेगी। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

संजय सिंह की कड़ी प्रतिक्रिया

लखनऊ। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण अनशन पर पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सत्ता के अहंकार में इतने अंधे हो गए हैं कि उन्हें युवाओं के भविष्य और एक अनशनकारी की जान की कोई परवाह नहीं है। संजय सिंह ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि जिस युवा शक्ति का आज दमन किया जा रहा है, वही आने वाले समय में भाजपा की सत्ता के पतन का मुख्य कारण बनेगी।


सोनम वांगचुक की जान खतरे में

सांसद संजय सिंह ने बताया कि 59 वर्षीय सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर थे। वह अपनी ज़िंदगी दांव पर लगाकर उन करोड़ों युवाओं की आवाज़ उठा रहे थे जिनका भविष्य 93 पेपर लीक की घटनाओं ने बर्बाद कर दिया है। विडंबना यह है कि 21 दिन बीत जाने के बाद भी प्रधानमंत्री ने उनसे बात करना तो दूर, अनशन खत्म करने की अपील तक नहीं की। सरकार का कोई प्रतिनिधि यह पूछने तक नहीं आया कि वह अपनी जान देने पर क्यों आमादा हैं।


जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई

जुल्मी जब जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, चप्पा चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से।@Wangchuk66 ज़िंदाबाद, युवा शक्ति ज़िंदाबाद। pic.twitter.com/dcl8cHMeqM

— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) July 18, 2026

संजय सिंह ने कहा कि आज अचानक भारी पुलिस बल ने जंतर-मंतर को चारों तरफ से घेर लिया और वहां मौजूद युवाओं पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया। सोनम वांगचुक को उनके अनशन स्थल से ज़बरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार भी छीन लिया गया है? यह पूरी तरह से गुंडागर्दी है और सत्ता का दुरुपयोग है।


मोदी सरकार का डर

संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक ने 20 तारीख को संसद सत्र की शुरुआत के मौके पर देश की जनता, युवाओं और जनप्रतिनिधियों से संसद मार्च का आवाहन किया था। प्रधानमंत्री को डर था कि यह आवाज़ एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लेगी। इसी डर के कारण रातों-रात दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बदला गया ताकि सोनम वांगचुक को गिरफ़्तार किया जा सके और इस आंदोलन को कुचला जा सके।


युवा शक्ति का महत्व

संजय सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री पर प्रहार करते हुए कहा कि मोदी जी, इतना अहंकार अच्छा नहीं है। आपने कभी किसानों के आंदोलन को कुचला, कभी माताओं-बहनों पर अत्याचार किया और अब नौजवानों को लाठियों से पीट रहे हैं। याद रखिएगा, जिस युवा पर आज आप लठ्ठ बजा रहे हैं, वही आपके तख्त को उखाड़ कर फेंकेगा। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की है कि वे एकजुट होकर सोनम वांगचुक का साथ दें और इस लड़ाई को कमज़ोर न पड़ने दें।