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संबित पात्रा ने नेहरू पर उठाए सवाल, विदेशी प्रभाव का लगाया आरोप

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने नेहरू को 'कंप्रोमाइज्ड चाचा' बताते हुए विदेशी एजेंसियों के प्रभाव का जिक्र किया। पात्रा ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए, जैसे कि नेहरू ने तिब्बत को चीन का हिस्सा क्यों स्वीकार किया और ग्वादर पोर्ट की पेशकश को क्यों ठुकराया। इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस पर एआई इम्पैक्ट समिट को बदनाम करने के लिए पैसे देने का आरोप भी लगाया। इस प्रेस कांफ्रेंस में उठाए गए मुद्दे राजनीतिक चर्चा का विषय बन गए हैं।
 

नेहरू पर आरोप


भाजपा सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने नेहरू को 'कंप्रोमाइज्ड चाचा' करार दिया और कहा कि असली समझौते का नाम सबसे पहले नेहरू का आता है। पात्रा ने यह भी कहा कि नेहरू के निजी सचिव एमओ माथाई को अमेरिकी एजेंट माना जाता था।


पात्रा ने बताया कि 1960 के दशक में सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी केजीबी के एजेंट प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच रखते थे। उन्होंने कहा कि उस समय विदेशी एजेंसियों को संवेदनशील दस्तावेज आसानी से मिल जाते थे। इसके अलावा, पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एआई इम्पैक्ट समिट को बदनाम करने के लिए इन्फ्लुएंसर्स को पैसे का ऑफर दिया।


नेहरू के निर्णयों पर सवाल

पात्रा ने कई सवाल उठाए, जैसे कि नेहरू ने तिब्बत को चीन का हिस्सा क्यों स्वीकार किया? उन्होंने यह भी पूछा कि नेहरू ने कच्छ के रण में 300 वर्ग मील जमीन किसके दबाव में गंवाई? इसके अलावा, उन्होंने यह भी पूछा कि नेहरू ने बिना सहमति कश्मीर में जनमत संग्रह की बात क्यों की।


ग्वादर पोर्ट का मुद्दा

1958 में ओमान के सुल्तान ने ग्वादर पोर्ट भारत को सौंपने की पेशकश की थी, लेकिन नेहरू ने इसे अस्वीकार कर दिया। आज यह पोर्ट चीन और पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन चुका है। पात्रा ने सवाल उठाया कि नेहरू ने विदेशी देशों को भारतीय क्षेत्र देने की चर्चा क्यों की।


सोशल मीडिया पर कांग्रेस का आरोप

सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट और रील्स वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यालय या वरिष्ठ नेताओं की ओर से एआई इम्पैक्ट समिट के खिलाफ पोस्ट या रील बनाने पर 25 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपए तक देने के संदेश भेजे गए हैं।